Tripura: स्व-सहायता महिला समूह द्वारा बनाये गये बांस के दीये सीएम बिप्लब कुमार देब ने किया लॉन्च, देखें तस्वीरें
त्रिपुरा के सिपाहीजाला की एक स्व-सहायता महिला समूह ने बांस के 'दीये' बनाए, दीयों को कल सीएम बिप्लब कुमार देब द्वारा लॉन्च किया गया. स्व-सहायता समूह की सदस्य दीपाली पॉल कहती हैं, "हमारे उत्पादों की भारी मांग है. हमने विभिन्न मूल्य रेंजों के दिये बनाए हैं.
त्रिपुरा के सिपाहीजाला की एक स्व-सहायता महिला समूह ने बांस के 'दीये' बनाए, दीयों को कल सीएम बिप्लब कुमार देब द्वारा लॉन्च किया गया. स्व-सहायता समूह की सदस्य दीपाली पॉल कहती हैं, "हमारे उत्पादों की भारी मांग है. हमने विभिन्न मूल्य रेंजों के दिये बनाए हैं. " त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने शुक्रवार को दिवाली के लिए "पर्यावरण के अनुकूल" बांस की मोमबत्तियां और दीये लॉन्च किए और कहा कि यह कदम स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देगा. पत्रकारों से बात करते हुए, देब ने कहा कि इससे पर्यावरण प्रदूषण में कमी और स्थानीय कारीगरों को रोजगार प्रदान करने का दोहरा लाभ पहुंचा सकती है. यह भी पढ़ें: Punjab: मोहाली के एक एनजीओ ने गाय के गोबर से बनायी मूर्तियां और दिये, देखें तस्वीरें
उत्तर-पूर्व में बांस क्षेत्र को बढ़ावा देने में विशेष ध्यान देने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को श्रेय देते हुए, मुख्यमंत्री देब ने कहा, “बांस एक अनूठा क्षेत्र है और एनई इंडिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो रोजगार पैदा कर सकता है. यह पर्यावरण के अनुकूल है और बांस की मुली किस्म बहुतायत और तेजी से बढ़ती है. पीएम मोदी ने बांस को पेड़ों की जगह इस्तेमाल करने की मंजूरी दी है ताकि रोजगार पैदा हो.'
देखें ट्वीट:
Tripura: A self-help women group from Sipahijala made bamboo 'diyas' that were launched by CM Biplab Kumar Deb, yesterday.
Dipali Paul, member of the self-help group says, "There is a huge demand for our products. We made 'diyas' of various price range." pic.twitter.com/3f9UN18WIw
— ANI (@ANI) November 6, 2020
बांस की खेती को बढ़ावा देने के लिए अपनी सरकार की पहल का वर्णन करते हुए, देब ने कहा कि राज्य सरकार स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के माध्यम से बांस के उपयोग के साथ स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है. नए लॉन्च किए गए बांस की मोमबत्तियों में छेद बनाये गए हैं जिन्हें कई बार इस्तेमाल किया जा सकता है. जिससे प्लास्टिक और अन्य गैर-जैव-अपघटित उत्पादों के उपयोग को कम करने में मदद मिलेगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 07, 2020 08:43 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

