Mysuru Shocking News: कर्नाटक के मैसूरु में दुखद हादसा, पूजा के सूखे फूल निगलने से 6 महीने के बच्चे की मौत
मैसूरु के हुन्सुर शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पूजा के लिए रखे सूखे गुड़हल के फूल को निगलने से 6 महीने के मासूम की मौत हो गई. डॉक्टरों ने छोटे बच्चों के आसपास ऐसी वस्तुओं को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है.
Mysuru Shocking News: कर्नाटक के मैसूरु जिले से एक अत्यंत दुखद घटना सामने आई है. यहां के हुन्सुर शहर के डोड्डाहेज्जूर गांव में एक छह महीने के बच्चे की दम घुटने (Choking) से मौत हो गई. बताया जा रहा है कि बच्चे ने अनजाने में पूजा के लिए रखे सूखे गुड़हल के फूल को मुंह में डाल लिया था, जो उसके गले में फंस गया.
खेल-खेल में हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक बच्चे की पहचान चिन्मय गौड़ा के रूप में हुई है. शनिवार को यह हादसा उस समय हुआ जब चिन्मय अपने बड़े भाई-बहन के साथ घर में खेल रहा था. घर के प्रवेश द्वार पर पूजा के लिए कुछ सूखे गुड़हल के फूल रखे हुए थे. खेलते समय बच्चे ने एक फूल उठाया और उसका एक हिस्सा अपने मुंह में डाल लिया. यह भी पढ़े: Delhi Rains: रोहिणी में बारिश के पानी से बने तालाब में डूबने से 7 साल के बच्चे की मौत (Watch Video)
अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
जैसे ही बच्चे के बड़े भाई ने उसे फूल का टुकड़ा निगलते देखा, उसने उसे बाहर निकालने की कोशिश की. लेकिन तब तक टुकड़ा गले के नीचे उतर गया और बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होने लगी. परिजनों ने आनन-फानन में उसे पहले हनागोडु के एक अस्पताल में भर्ती कराया. स्थिति गंभीर होने पर उसे मैसूरु के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद बच्चे को बचाया नहीं जा सका.
देश भर में बढ़ रहे हैं ऐसे मामले
शिशुओं द्वारा छोटी वस्तुओं को निगलने की यह पहली घटना नहीं है. हाल ही में महाराष्ट्र में एक मासूम की सिक्का निगलने से जान चली गई थी, वहीं उत्तर प्रदेश में एक बच्चे की खिलौने का प्लास्टिक टुकड़ा गले में फंसने से मौत हो गई थी. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एक साल से कम उम्र के बच्चों में दुर्घटना से होने वाली मौतों का एक मुख्य कारण 'चोकिंग' यानी गले में कुछ फंसना है.
विशेषज्ञों की सलाह और सावधानी
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे बच्चे अक्सर चीजों को समझने के लिए उन्हें मुंह में डालते हैं. सूखे फूल, मेवे, बीज, सिक्के या खिलौनों के छोटे हिस्से कुछ ही सेकंड में श्वसन नली को ब्लॉक कर सकते हैं.
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निगरानी: खेलते समय शिशुओं पर हमेशा नजर रखें.
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दूरी: पूजा के फूल, दवाइयां और छोटी वस्तुओं को बच्चों की पहुंच से दूर रखें.
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प्राथमिक उपचार: यदि बच्चा कुछ निगल ले और उसे सांस लेने में तकलीफ हो, तो तुरंत प्राथमिक उपचार (First Aid) दें और बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल पहुंचें.
इस घटना ने एक बार फिर माता-पिता और देखभाल करने वालों को छोटे बच्चों की सुरक्षा के प्रति अधिक सतर्क रहने की चेतावनी दी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 31, 2026 08:36 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

