IIT बॉम्बे में दुखद घटना: राजस्थान के 21 वर्षीय बीटेक छात्र की हॉस्टल की छत से गिरकर मौत, आत्महत्या की आशंका
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

मुंबई/जयपुर: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (Indian Institute of Technology) याानी आईआईटी (IIT) बॉम्बे (Bombay) के पवई कैंपस से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है. राजस्थान (Rajasthan) के एक 21 वर्षीय छात्र (Student) की बुधवार तड़के हॉस्टल (Hostel)  की छत से गिरने के कारण मौत हो गई. मृतक छात्र की पहचान नमन अग्रवाल (Naman Agarwal) के रूप में हुई है, जो बीटेक (सिविल इंजीनियरिंग) (BTech Civil Engineering) द्वितीय वर्ष का छात्र था.  पुलिस को प्राथमिक तौर पर यह मामला आत्महत्या का लग रहा है, हालांकि जांच अभी जारी है. यह भी पढ़ें: Bilaspur Tragedy: डिजिटल रिजेक्शन का खौफनाक अंत, बॉयफ्रेंड ने किया ब्लॉक तो प्रेमिका ने घर घुसकर सीने में उतारा चाकू

घटना का विवरण

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटना बुधवार रात करीब 1:30 बजे हॉस्टल नंबर 4 में हुई। नमन मूल रूप से राजस्थान के झुंझुनूं जिले के पिलानी का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि वह नौवीं मंजिल की छत से नीचे गिर गया. भारी आवाज सुनकर सुरक्षा गार्ड और देर रात तक पढ़ाई कर रहे छात्र मौके पर पहुंचे, जहां नमन गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला.

उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. जांच में यह बात सामने आई है कि नमन हॉस्टल नंबर 3 में रहता था, लेकिन यह घटना हॉस्टल नंबर 4 में हुई. पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि वह दूसरे हॉस्टल की छत पर क्यों गया था.

पुलिस जांच और वर्तमान स्थिति

पवई पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की है. पुलिस ने पुष्टि की है कि नमन के पास से या उसके कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है.

IIT परिसरों में बढ़ती आत्महत्याएं: एक चिंताजनक आंकड़े

नमन की मौत ने एक बार फिर देश भर के IIT परिसरों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और बढ़ते दबाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में विभिन्न IIT संस्थानों में 35 से अधिक छात्रों की आत्महत्या से मौत हुई है.

संस्थान हालिया घटना की तारीख संदर्भ
IIT कानपुर 20 जनवरी, 2026 पीएचडी स्कॉलर द्वारा आत्महत्या (2 साल में 8वीं घटना)
IIT बॉम्बे फरवरी, 2023 दर्शन सोलंकी नामक छात्र की कैंपस में मौत
IIT बॉम्बे 4 फरवरी, 2026 नमन अग्रवाल (बीटेक द्वितीय वर्ष)

विशेषज्ञों की राय और संस्थान के कदम

शिक्षाविदों और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि पढ़ाई का अत्यधिक बोझ, कड़ी प्रतिस्पर्धा, परिवार से दूर अकेलेपन की भावना और प्लेसमेंट की चिंता छात्रों को ऐसे कदम उठाने पर मजबूर कर देती है.

हालांकि, संस्थानों ने काउंसलिंग सेवाओं के विस्तार, हॉस्टल की छतों पर सुरक्षा ग्रिल लगाने और मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग जैसे कदम उठाए हैं, लेकिन छात्रों का तर्क है कि शैक्षणिक संस्कृति में बुनियादी बदलाव और बेहतर भावनात्मक समर्थन प्रणाली की सख्त जरूरत है.