Bilaspur Tragedy: डिजिटल रिजेक्शन का खौफनाक अंत, बॉयफ्रेंड ने किया ब्लॉक तो प्रेमिका ने घर घुसकर सीने में उतारा चाकू
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: IANS)

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बिलासपुर (Bilaspur) में बुधवार, 4 फरवरी को एक सनसनीखेज हत्याकांड (Murder) ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया. शहर के सिविल लाइंस इलाके (Civil Lines Area) में एक 22 वर्षीय युवती ने अपने 25 वर्षीय बॉयफ्रेंड की चाकू गोदकर हत्या कर दी. इस हिंसक वारदात की मुख्य वजह 'डिजिटल रिजेक्शन' (Digital Rejection) (सोशल मीडिया और फोन पर ब्लॉक करना) बताई जा रही है.

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान कामता प्रसाद सूर्यवंशी (25) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जांजगीर-चांपा का निवासी था और बिलासपुर के एक होटल में काम करता था.  आरोपी युवती रोशनी सूर्यवंशी और कामता के बीच करीब छह महीने पहले इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती हुई थी, जो बाद में प्यार में बदल गई.

हाल ही में दोनों के बीच अनबन शुरू हो गई थी, जिसके बाद कामता ने रोशनी का फोन नंबर ब्लॉक कर दिया और सोशल मीडिया पर भी उससे दूरी बना ली. इसी बात से आहत होकर रोशनी मंगलवार देर शाम कामता के किराए के मकान पर पहुंची और उससे फोन अनलॉक करने की मांग की. यह भी पढ़ें: Delhi Shocker: दिल्ली के कनॉट प्लेस में खौफनाक वारदात, डिलीवरी बॉय हेलमेट से पीट-पीटकर ली व्यवसायी की जान; वजह जानकर रह जाएंगे दंग

विवाद बढ़ा और सीने में उतार दिया चाकू

चश्मदीदों और पुलिस के मुताबिक, कमरे के भीतर दोनों के बीच तीखी बहस हुई. रोशनी को शक था कि कामता ने किसी दूसरी लड़की के चक्कर में उसे ब्लॉक किया है. बहस के दौरान गुस्से में आकर रोशनी ने अपने पास रखे रसोई वाले चाकू (Kitchen Knife) से कामता के सीने और पेट पर ताबड़तोड़ वार कर दिए.

शोर सुनकर आसपास के लोग और कामता का रूममेट वहां पहुंचे, जहां कामता खून से लथपथ पड़ा था. उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे 'डेड ऑन अराइवल' घोषित कर दिया। अत्यधिक आंतरिक रक्तस्राव को मौत का प्राथमिक कारण बताया गया है. 

पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी

घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइंस थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी रोशनी को घटनास्थल के पास से ही हिरासत में ले लिया. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार को भी बरामद कर लिया है.

विशेषज्ञों की राय: 'डिजिटल रिजेक्शन' बन रहा है बड़ा ट्रिगर

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि वर्तमान समय में रिश्तों में 'ब्लॉकिंग' या 'घोस्टिंग' युवाओं के लिए एक बड़ा मानसिक तनाव बन रहा है. बिना किसी स्पष्ट संवाद के संपर्क काट देना कई बार हिंसक प्रतिक्रियाओं को जन्म देता है. बिलासपुर पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे आपसी विवादों को सुलझाने के लिए कानून हाथ में लेने के बजाय संवाद या उचित मध्यस्थता का सहारा लें.