Delhi Shocker: देश की राजधानी के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस (CP) से एक दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहाँ 36 वर्षीय एक व्यवसायी, शिवम गुप्ता की तीन फूड डिलीवरी एजेंट्स ने बेरहमी से पिटाई की, जिसके 17 दिनों बाद उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई. यह घटना कथित तौर पर पीने का पानी मांगने के दौरान हुई एक मामूली कहासुनी से शुरू हुई थी. पुलिस ने इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
पानी मांगने पर शुरू हुआ विवाद
घटना 2 और 3 जनवरी, 2026 की दरमियानी रात की है. लक्ष्मी नगर के निवासी और पहाड़गंज में दो दुकानों के मालिक शिवम गुप्ता अपने एक दोस्त के साथ कनॉट प्लेस के ई-ब्लॉक में एक पार्टी में गए थे. तड़के करीब 1:30 बजे जब वे बाहर निकले, तो उन्होंने वहां मौजूद एक फूड डिलीवरी एजेंट से पानी मांगा. यह भी पढ़े: Delhi Shocker: दिल्ली के मंदिर में दिनदहाड़े खूनखराबा.. पुजारी की पत्नी की बेरहमी से हत्या, इलाके में दहशत
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, इसी बात पर दोनों पक्षों में बहस छिड़ गई. विवाद इतना बढ़ गया कि डिलीवरी एजेंट ने अपने दो अन्य साथियों को बुला लिया. तीनों ने मिलकर शिवम पर लात-घूंसों से हमला किया और उनके सिर पर मोटरसाइकिल के हेलमेट से कई बार वार किए.
अस्पताल में 17 दिनों का संघर्ष
हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. पुलिस को सड़क पर एक युवक के लहुलूहान हालत में बेहोश पड़े होने की सूचना मिली. शिवम को तुरंत लोक नायक जय प्रकाश (LNJP) अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनके सिर में 'हेमाटोमा' (खून के थक्के जमना) पाया गया.
हालत बिगड़ने पर उन्हें राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ 5 जनवरी को उनकी आपातकालीन सर्जरी हुई. उनके पिता अनिल कांत गुप्ता के अनुसार, शिवम ने कुछ समय के लिए सुधार के संकेत दिए थे, लेकिन अंततः 19 जनवरी को उनकी मृत्यु हो गई.
पुलिस कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 110 (गैर-इरादतन हत्या) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है. जांच के दौरान पुलिस ने राजीव चौक मेट्रो स्टेशन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें वारदात की पूरी कड़ी सामने आई है.
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने और अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं. पुलिस का कहना है कि दो संदिग्धों को पकड़ा जा चुका है और तीसरे की तलाश के लिए छापेमारी जारी है.
इकलौते बेटे की मौत से परिवार टूटा
शिवम अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे और परिवार का एकमात्र आर्थिक सहारा थे. उनके पिता ने आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है. उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि जिस हेलमेट को सुरक्षा के लिए पहना जाता है, उसे उनके बेटे की जान लेने के लिए हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया.
इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली के सबसे व्यस्त कमर्शियल हब में देर रात की सुरक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक स्थलों पर बढ़ते 'रोड रेज' जैसे व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.













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