VIDEO: शर्मनाक! मां के शव को स्ट्रेचर पर खींचता रहा बेटा, VIP गाड़ी के लिए खुला रहा पुल, हमीरपुर का वीडियो आया सामने
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से सिस्टम की संवेदनहीनता का एक वीडियो सामने आया है. जहांपर के बेटा जो अपने मां के शव को एम्बुलेंस से गांव ले जा रहा था. उसे पुल पर रोक दिया गया. बताया गया कि पुल का निर्माणकार्य शुरू है.
हमीरपुर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से सिस्टम की संवेदनहीनता का एक वीडियो सामने आया है. जहांपर के बेटा जो अपने मां के शव को एम्बुलेंस से गांव ले जा रहा था. उसे पुल पर रोक दिया गया. बताया गया कि पुल का निर्माणकार्य शुरू है. जिसके कारण बेटे ने मां के शव को स्ट्रेचर में रखा और करीब एक किलोमीटर तक पैदल ही पुल पार किया. हालांकि इस दौरान एक विधायक की गाड़ी भी इस पुल पर पहुंची थी, उस गाड़ी के लिए बैरिकेडिंग हटाया गया और बकायदा गाड़ी को उसी पुल छोड़ा गया. इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोग सिस्टम पर सवाल उठा रहे है और पूछ रहे है कि आम लोगों के लिए अलग कानून है और वीआईपी लोगों के लिए अलग कानून है.
सोशल मीडिया पर ये वीडियो जमकर वायरल हो रहा है. इस वीडियो को सोशल मीडिया X पर @priyarajputlive नाम के हैंडल से शेयर किया गया है. ये भी पढ़े:VIDEO: हमीरपुर में पानी की टंकी पर चढ़कर महिला ने किया हाईवोल्टेज ड्रामा, वीडियो हुआ वायरल
स्ट्रेचर पर शव लेकर पैदल चला बेटा
बेटे की मिन्नतें भी न काम आईं
टेढ़ा गांव की रहने वाली शिवदेवी का इलाज के दौरान कानपुर में निधन हो गया. परिजन जब शव को एंबुलेंस से गांव ला रहे थे, तो यमुना पुल पर सुरक्षाबलों ने वाहन को रोक दिया. बेटे ने अधिकारियों से बार-बार अनुरोध किया कि अंतिम सफर के लिए रास्ता दे दिया जाए, लेकिन व्यवस्था टस से मस नहीं हुई.जब कोई रास्ता नहीं बचा, तो परिजनों ने शव को स्ट्रेचर पर रखा और करीब एक किलोमीटर तक पैदल पुल पार किया. बीच-बीच में रुक कर शव को नीचे रखना पड़ा.राह चलते लोग इस दृश्य को देखकर भावुक हो गए, लेकिन सिस्टम खामोश खड़ा रहा.
वीआईपी गाड़ियों के लिए कोई रोक नहीं
जहां आम नागरिक की एंबुलेंस को रोका गया, वहीं कुछ ही दिन पहले योग दिवस के मौके पर लखनऊ से आए एक वरिष्ठ अधिकारी की गाड़ी बिना किसी रोक-टोक के उसी पुल से गुजरी. यही नहीं, कई मंत्री भी उसी मार्ग से निकले, जहां आमजन के लिए ‘नो एंट्री’ लागू थी.हमीरपुर विधायक मनोज प्रजापति से जब इस दोहरे रवैये पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि'पुल पूरी तरह बंद नहीं था. मगर स्थानीय लोगों ने साफ कहा कि एंबुलेंस तक को नहीं जाने दिया गया. ऐसे में यह बयान केवल बहाना लगता है.