Vande Bharat Sleeper: वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में 180 की स्पीड में भी ग्लास का पानी रहा स्थिर, वाटर टेस्ट रहा सफल, रेल मंत्री ने शेयर किया वीडियो: VIDEO
भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने 30 दिसंबर को एक अहम उपलब्धि हासिल की, जब वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (Vande Bharat Sleeper Train) ने अपना विशेष वॉटर टेस्ट (Water Test) सफलतापूर्वक पूरा किया.
Vande Bharat Sleeper: भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने 30 दिसंबर को एक अहम उपलब्धि हासिल की, जब वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (Vande Bharat Sleeper Train) ने अपना विशेष वॉटर टेस्ट (Water Test) सफलतापूर्वक पूरा किया. इस दौरान ट्रेन ने कोटा–नागदा सेक्शन (Kota–Nagda Section) पर अधिकतम 180 किमी/घंटा की रफ्तार दर्ज की.इस परीक्षण का उद्देश्य ट्रेन की इंजीनियरिंग क्षमता (Advanced Engineering) और स्थिरता (Stability) को परखना था.
ट्रायल के दौरान ट्रेन के अंदर रखे पानी से भरे गिलास तेज रफ्तार के बावजूद बिल्कुल स्थिर रहे, जिससे इसकी शानदार बैलेंसिंग क्षमता सामने आई. ये भी पढ़े:Vande Bharat Sleeper Train: वीडियो मे देखे वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पहली झलक, जानें इसकी खासियत और बेहतरीन सुविधाएं!
वाटर टेस्ट सफल
रेल मंत्री ने साझा किया ट्रायल वीडियो
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Railway Minister Ashwini Vaishnaw) ने इस ट्रायल का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स X पर साझा किया. वीडियो में ट्रेन का डिजिटल स्पीडोमीटर (Digital Speedometer) कुछ क्षणों के लिए 182 किमी/घंटा की रफ्तार दिखाता नजर आया.उन्होंने लिखा कि यह परीक्षण रेलवे सेफ्टी कमिश्नर (Commissioner of Railway Safety) की निगरानी में किया गया और वॉटर टेस्ट ने नई पीढ़ी की इस ट्रेन की तकनीकी मजबूती को साबित किया.
लंबी दूरी की यात्रा के लिए तैयार स्लीपर वर्जन
वंदे भारत स्लीपर (Vande Bharat Sleeper) को खास तौर पर रात की लंबी दूरी की यात्रा (Overnight Long-Distance Travel) को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.यह पूरी तरह एयर कंडीशंड (Fully Air-Conditioned) ट्रेन होगी.मौजूदा चेयर कार वंदे भारत (Chair Car Version) जहां अधिकतम 160 किमी/घंटा (160 kmph) की अनुमति के साथ चलती है, वहीं स्लीपर वर्जन को 180 किमी/घंटा (180 kmph) की क्षमता के साथ डिजाइन किया गया है. हालांकि, व्यावसायिक रफ्तार ट्रैक, सिग्नलिंग और रूट की स्थिति पर निर्भर करेगी.
वंदे भारत स्लीपर की खास विशेषताएं
पहले दो प्रोटोटाइप में कुल 16 कोच (16 Coaches) शामिल हैं,11 एसी थ्री-टियर (AC Three-Tier Coaches),4 एसी टू-टियर (AC Two-Tier Coaches),
1 एसी फर्स्ट क्लास (AC First Class Coach),ट्रेन में आरामदायक बर्थ (Cushioned Berths), बेहतर ऊपरी बर्थ एक्सेस (Upper Berth Access) और यूरोपीय ट्रेनों से प्रेरित डिज़ाइन दिया गया है.
यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं
यात्रियों को सीसीटीवी सुरक्षा (CCTV Security), नाइट लाइटिंग (Low-Intensity Night Lighting), ऑडियो-विजुअल अनाउंसमेंट सिस्टम (Audio-Visual Announcement System) और लचीली पैंट्री व्यवस्था (Pantry Configuration) मिलेगी.इसके अलावा ट्रेनों में एडवांस बायो-वैक्यूम टॉयलेट (Bio-Vacuum Toilets) लगाए जाएंगे. एसी फर्स्ट क्लास (AC First Class) में दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं, बेबी केयर एरिया (Baby Care Area) और हॉट वॉटर शॉवर (Hot Water Shower Cubicles) भी होंगे.
सुरक्षा और ऊर्जा दक्षता पर खास जोर
सुरक्षा के लिए ट्रेन में पहले से मौजूद कवच एंटी-कोलिजन सिस्टम (KAVACH Anti-Collision System) के साथ-साथ रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग (Regenerative Braking) तकनीक दी जाएगी, जिससे ऊर्जा की बचत होगी.
देश में होगा बड़े पैमाने पर निर्माण
इन ट्रेनों का निर्माण बीईएमएल (BEML) द्वारा इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) के सहयोग से किया जा रहा है. इस साझेदारी में 10 ट्रेनें (10 Trains) बनाई जाएंगी.इसके अलावा किनेट (Kinet JV – India-Russia Partnership) द्वारा 10 और ट्रेनें तैयार की जाएंगी.वहीं टिटागढ़ रेल सिस्टम्स (Titagarh Rail Systems) और बीएचईएल (BHEL) ने 80 स्लीपर ट्रेनों (80 Sleeper Trains) के निर्माण का समझौता किया है. ICF भी अपने स्तर पर वंदे भारत स्लीपर वर्जन विकसित कर रहा है.