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Thane Mayor Post: ठाणे में 'मेयर' की कुर्सी पर महायुति में रार, BJP ने चला 'शिंदे वाला दांव', मांगा मेयर का पद!

महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे आने के बाद महायुति गठबंधन (बीजेपी और शिंदे नीत शिवसेना) में खींचतान तेज हो गई है. विशेष रूप से ठाणे नगर निगम (TMC) में बीजेपी ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के राजनीतिक गढ़ में सेंध लगाते हुए मेयर पद की मांग कर दी है.

Thane Mayor Post: ठाणे में 'मेयर' की कुर्सी पर महायुति में रार, BJP ने चला 'शिंदे वाला दांव', मांगा मेयर का पद!
(Photo Credit: X Formerly Twitter And Instagram)

 Thane Mayor Post: महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे आने के बाद महायुति गठबंधन (बीजेपी और शिंदे नीत शिवसेना) में खींचतान तेज हो गई है. विशेष रूप से ठाणे नगर निगम (TMC) में बीजेपी ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के राजनीतिक गढ़ में सेंध लगाते हुए मेयर पद की मांग कर दी है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी ने यह दांव ठीक उसी तरह चला है, जैसे कभी शिंदे ने महाविकास अघाड़ी में रहते हुए अपनी ताकत बढ़ाई थी.

ठाणे में बीजेपी की बड़ी मांग

ठाणे हमेशा से एकनाथ शिंदे और उनकी शिवसेना का अभेद्य किला रहा है. हालिया चुनावों में शिवसेना (शिंदे गुट) ने यहां 71 सीटों के साथ अपनी बढ़त बनाए रखी है, लेकिन बीजेपी भी पीछे नहीं है. बीजेपी नेतृत्व का तर्क है कि राज्य और केंद्र में उनकी बड़ी भूमिका को देखते हुए, उन्हें भी ठाणे जैसे महत्वपूर्ण शहर के प्रशासन में प्रमुख पद मिलना चाहिए. यह भी पढ़े:  Why Mumbai’s Next Mayor Will Be Chosen by Lottery: मुंबई का अगला मेयर लॉटरी से क्यों चुना जाएगा? नियम क्या कहते हैं और जानें शहर को नया मेयर कब मिलेगा

बीजेपी के स्थानीय नेताओं का कहना है कि पार्टी ने पूरे महाराष्ट्र में सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरने का रिकॉर्ड बनाया है, ऐसे में ठाणे में मेयर पद पर उनकी दावेदारी स्वाभाविक है.

शिंदे के गढ़ में साख की लड़ाई

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के लिए ठाणे केवल एक नगर निगम नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक पहचान का केंद्र है. जानकारों के मुताबिक, शिंदे किसी भी कीमत पर यहां का मेयर पद बीजेपी को देने के पक्ष में नहीं हैं. सूत्रों का कहना है कि शिवसेना (शिंदे गुट) ने अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए 'होटल पॉलिटिक्स' का सहारा लिया है और उन्हें मुंबई के एक लग्जरी होटल में शिफ्ट कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की 'क्रॉस वोटिंग' या दलबदल को रोका जा सके.

'ढाई-ढाई साल' का फॉर्मूला?

गठबंधन के भीतर चल रही इस खींचतान को सुलझाने के लिए अब 'ढाई-ढाई साल' के मेयर फॉर्मूले पर चर्चा शुरू हो गई है. शिवसेना (शिंदे गुट) चाहती है कि पहला कार्यकाल उनके पास रहे, जबकि बीजेपी भी पहले मौके की तलाश में है. यह विवाद केवल ठाणे तक सीमित नहीं है; मुंबई (BMC) में भी मेयर पद को लेकर दोनों दलों के बीच इसी तरह की रस्साकशी जारी है.

वर्तमान स्थिति

ठाणे नगर निगम में कुल 142 सीटें हैं. चुनाव नतीजों में शिंदे सेना ने बहुमत के करीब अपनी पकड़ बनाई है, लेकिन बीजेपी के समर्थन के बिना सत्ता की राह आसान नहीं है. विपक्ष (शिवसेना UBT और कांग्रेस) इस स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है और महायुति की इस आंतरिक कलह को गठबंधन की कमजोरी के रूप में पेश कर रहा है.

आने वाले 15 से 20 दिनों में मेयर पद के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ठाणे की सत्ता की चाबी किसके हाथ में रहेगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 19, 2026 06:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).