Who is Sanjay Ghadi: मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के शक्ति प्रदर्शन में बीजेपी के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही शिवसेना (शिंदे गुट) ने उपमहापौर पद के लिए अपने पत्ते खोल दिए हैं. शनिवार, 7 फरवरी को पार्टी ने अधिकारिक तौर पर संजय शंकर घाडी (Sanjay Shankar Ghadi) के नाम की घोषणा की. दहिसर (पूर्व) के वार्ड संख्या 5 से नवनिर्वाचित पार्षद संजय घाडी को उनकी आक्रामक कार्यशैली और जमीनी पकड़ के लिए जाना जाता है.
महायुति गठबंधन के समझौते के अनुसार, बीजेपी के पास महापौर का पद रहेगा, जबकि शिवसेना के संजय घाडी अगले 15 महीनों के लिए उपमहापौर की जिम्मेदारी संभालेंगे.
कौन हैं संजय घाडी?
संजय घाडी मुंबई के उत्तरी उपनगर, विशेष रूप से दहिसर और अशोकवन क्षेत्र के एक वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं. उनके राजनीतिक सफर की कुछ मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
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वफादारी और बदलाव: घाडी उन वरिष्ठ पार्षदों में से एक थे जिन्होंने 2022 के राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान एकनाथ शिंदे का साथ दिया और शिवसेना (UBT) का साथ छोड़कर शिंदे गुट में शामिल हुए.
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वार्ड संख्या 5 (दहिसर): उन्होंने हाल ही में संपन्न बीएमसी चुनाव 2026 में दहिसर के वार्ड संख्या 5 से शानदार जीत दर्ज की है. वह पूर्व में भी इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और स्थानीय बुनियादी ढांचे के विकास के लिए जाने जाते हैं.
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सक्रियता: उन्हें शिवसेना के 'फायरब्रांड' नेताओं में गिना जाता है, जो सदन में जनहित के मुद्दों को आक्रामक तरीके से उठाने के लिए प्रसिद्ध हैं.
15 महीनों का 'पावर शेयरिंग' फॉर्मूला
शिवसेना नेतृत्व ने उपमहापौर पद के लिए एक अनूठा फॉर्मूला अपनाया है. संजय मोर के अनुसार, पार्टी अपने चार अलग-अलग पार्षदों को उपमहापौर बनने का मौका देना चाहती है. इस योजना के तहत:
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कार्यकाल: संजय घाडी पहले 15 महीनों के लिए इस पद पर रहेंगे.
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रोटेशन: उनके बाद पार्टी के अन्य तीन वरिष्ठ पार्षदों को बारी-बारी से इस पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी.
दहिसर के विकास में योगदान
संजय घाडी के वार्ड (अशोकवन-चिंतामणि नगर) में उन्होंने जल आपूर्ति, सड़कों के चौड़ीकरण और उद्यानों के सौंदर्यीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. कोंकण मूल के होने के कारण मुंबई में बसे कोंकणी मतदाताओं के बीच भी उनका गहरा प्रभाव है.
मेयर और-डिप्टी मेयर के लिए होने हैं चुनाव
11 फरवरी को होने वाले चुनाव में रीतू तावड़े (मेयर पद की उम्मीदवार) और संजय घाडी की जोड़ी का जीतना लगभग तय है, क्योंकि महायुति के पास 118 पार्षदों का बहुमत है. यह चुनाव मुंबई की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है, जहां बीजेपी और शिवसेना (शिंदे) मिलकर शहर का प्रशासन चलाएंगे.










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