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पहली तिमाही के मजबूत GDP आंकड़ों ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाया: संजीव सान्याल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी) के सदस्य संजीव सान्याल ने शनिवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की 7.8 प्रतिशत वृद्धि दर भारत को दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश बनाता है. सान्याल ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, 2025-26 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी अनुमान अभी-अभी आया है.

पहली तिमाही के मजबूत GDP आंकड़ों ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाया: संजीव सान्याल

नई दिल्ली, 30 अगस्त : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी) के सदस्य संजीव सान्याल ने शनिवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की 7.8 प्रतिशत वृद्धि दर भारत को दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश बनाता है. सान्याल ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, 2025-26 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी अनुमान अभी-अभी आया है. 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर किसी भी मानक से एक अच्छी वृद्धि दर है. यह हमें दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाता है." हालांकि, सान्याल को अमेरिकी टैरिफ संबंधी अनिश्चितताओं सहित भू-राजनीतिक मुद्दों के कारण भविष्य में जीडीपी की वृद्धि दर में कुछ अनिश्चितता नजर आती है. सान्याल ने कहा, "हालांकि, आगे की ओर देखें तो कुछ क्षेत्रों में टकराव की स्थिति स्पष्ट रूप से बनी हुई है. इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि पिछले हफ्ते लागू हुए अमेरिकी टैरिफ उनमें से एक होंगे." मुद्रास्फीति में कमी जैसे अनुकूल वृहद-आर्थिक आंकड़ों को देखते हुए, प्रमुख अर्थशास्त्री का मानना है कि नीति निर्माताओं के पास बाधाओं का सामना करने के लिए पर्याप्त गुंजाइश है.

सान्याल ने कहा, "हालांकि, अच्छी खबर यह है कि भारतीय नीति निर्माताओं के पास बाहरी झटकों का सामना करने के लिए पर्याप्त गुंजाइश है. मुद्रास्फीति कम है. वास्तव में, यह मौद्रिक नीति समिति के लिए 2-6 प्रतिशत के निचले स्तर पर है. अर्थशास्त्री ने आगे कहा, "इसलिए, इन सब को देखते हुए, मैं कहना चाहूंगा कि नीति निर्माता जरूरत पड़ने पर विस्तारवादी मैक्रो पॉलिसी प्रोत्साहन प्रदान करने की स्थिति में हैं. पीएम ईएसी सदस्य ने आगे कहा कि एसएंडपी रेटिंग में सुधार, मजबूत बैंकिंग प्रणाली और वित्तीय बाजार इस साल स्वस्थ जीडीपी वृद्धि दर की ओर ले जाएंगे. यह भी पढ़ें : Pranab Mukherjee: राजनीति के वो ‘चाणक्य’, जो पीएम पद की दौड़ में शामिल रहे, लेकिन हर बार चूके

भारत की जीडीपी वृद्धि दर अप्रैल-जून तिमाही में बढ़कर 7.8 प्रतिशत हो गई, जबकि एक वर्ष पहले इसी तिमाही में यह 6.5 प्रतिशत थी. आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में दर्ज 1.5 प्रतिशत की वृद्धि दर की तुलना में, जब कृषि उत्पादन अप्रत्याशित मानसून से प्रभावित हुआ था, कृषि क्षेत्र ने 2025-2026 की पहली तिमाही में 3.7 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर के साथ वापसी की है. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 7.7 प्रतिशत और निर्माण क्षेत्र में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 30, 2025 05:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).