Stomach Cancer: क्या Chocolate रोक सकती है पेट के कैंसर का खतरा? नए अध्ययन में हुआ अहम खुलासा
एक नए प्रयोगशाला अध्ययन में सामने आया है कि अंगूर के अर्क से युक्त चॉकलेट पेट के कैंसर के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया 'हेलीकोबैक्टर पाइलोरी' के विकास को रोकने में सहायक हो सकती है.
Stomach Cancer: दशकों से चॉकलेट (Chocolate) को केवल एक मीठे और कैलोरी से भरपूर खाद्य पदार्थ के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन हालिया वैज्ञानिक शोध ने इसे बीमारी की रोकथाम की चर्चाओं में ला खड़ा किया है. एक नए प्रयोगशाला अध्ययन (Laboratory Study) से पता चला है कि अंगूर के अर्क (Grape Extracts) से तैयार की गई विशेष चॉकलेट उन बैक्टीरिया के विकास को कम कर सकती है, जो पेट के कैंसर का कारण बनते हैं. हालांकि यह शोध अभी शुरुआती चरणों में है, लेकिन इसने विज्ञान की दुनिया में एक नई उम्मीद जगाई है.
क्या है 'हेलीकोबैक्टर पाइलोरी' और इसका खतरा?
माउले स्थित कैथोलिक यूनिवर्सिटी में डॉ. इलियाना गोंजालेज के नेतृत्व में किए गए इस शोध का मुख्य केंद्र 'हेलीकोबैक्टर पाइलोरी' (H. pylori) नामक बैक्टीरिया है. यह एक सामान्य बैक्टीरिया है जो समय के साथ पेट की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाता है. लंबे समय तक संक्रमण रहने से पेट में सूजन और जलन बढ़ जाती है, जिससे भविष्य में गैस्ट्रिक कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. वर्तमान में इसका इलाज एंटीबायोटिक्स से किया जाता है, लेकिन बढ़ती एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस के कारण वैज्ञानिक अब वैकल्पिक और सहायक आहार रणनीतियों की तलाश कर रहे हैं. यह भी पढ़े: Cervical Cancer के खिलाफ मोदी सरकार की बड़ी जंग, रोकथाम के लिए भारत में 4-15 साल की बच्चियों को मुफ्त HPV वैक्सीन देने की तैयारी; रिपोर्ट
अंगूर के अर्क और चॉकलेट का अनूठा मेल
शोध के दौरान पाया गया कि वाइन बनाने के बाद बचने वाले अंगूर के अवशेषों में 'पॉलीफेनोल्स' (Polyphenols) प्रचुर मात्रा में होते हैं. इन प्राकृतिक यौगिकों में एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-माइक्रोबियल गुण होते हैं. प्रयोगशाला की नियंत्रित स्थितियों में देखा गया कि सामान्य चॉकलेट की तुलना में अंगूर के अर्क वाली चॉकलेट ने बैक्टीरिया के विकास को अधिक प्रभावी ढंग से धीमा कर दिया.
चॉकलेट को ही क्यों चुना गया?
अंगूर के अर्क का स्वाद प्राकृतिक रूप से काफी कड़वा होता है, जिसे सीधे तौर पर लेना मुश्किल है. चॉकलेट यहां एक 'कैरियर' (Carrier) के रूप में कार्य करती है, जो न केवल कड़वे स्वाद को छिपाती है, बल्कि पाचन के दौरान पेट में घुलने पर सक्रिय यौगिकों को सही तरीके से रिलीज करने में भी मदद करती है.
शोध की सीमाएं और विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि यह शोध अभी केवल लैब तक सीमित है और इसे इंसानों पर होने वाले ट्रायल (Human Trials) में साबित करना अभी बाकी है. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि अंगूर के अर्क वाली चॉकलेट कैंसर का इलाज या दवा का विकल्प नहीं है.
डॉक्टरों के अनुसार, पेट के स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार और चिकित्सकीय परामर्श ही सबसे महत्वपूर्ण हैं. यदि भविष्य के परीक्षणों में ये परिणाम सकारात्मक रहते हैं, तो भविष्य में इसे चिकित्सा उपचार के साथ एक सहायक आहार के रूप में उपयोग किया जा सकेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 31, 2026 08:48 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

