HPV Vaccine: आज 30 मई से भारत में किन अस्पतालों में लग रही है मुफ्त एचपीवी वैक्सीन? यहां जानें पूरी सूची, कीमत और अन्य जरूरी जानकारी

HPV Vaccine: महिलाओं में होने वाले खतरनाक सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) से सुरक्षा प्रदान करने के लिए देश में एक बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियान का आगाज हो गया है. शनिवार, 30 मई 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से इस राष्ट्रव्यापी मुफ्त मानव पेपिलोमावायरस (HPV) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया. इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी चुनिंदा राज्य संचालित सरकारी अस्पतालों में मुफ्त टीकाकरण की शुरुआत हो चुकी है. सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है, जिसे समय पर टीका लगाकर रोका जा सकता है.

पहले चरण में कोलकाता से

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती चरण में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केवल उन्हीं अस्पतालों को चुना गया है जहां चौबीसों घंटे डॉक्टरों की टीम तैनात रहती है. कोलकाता और उसके आसपास के चार सरकारी केंद्रों पर शनिवार से यह टीका मुफ्त मिलना शुरू हो गया है. यह भी पढ़े:  Vaccine: गंभीर बीमारियों से बचाएंगे ये टीके, किशोरियों को समय पर लगवाना जरूरी

  • एसएसकेएम (SSKM) अस्पताल

  • विधाननगर स्टेट जनरल अस्पताल

  • विद्यासागर स्टेट जनरल अस्पताल (बेहाला)

  • सरसुना ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र

राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फिलहाल सीमित केंद्रों से शुरुआत की गई है, लेकिन जल्द ही इसका विस्तार कोलकाता नगर निगम के तहत आने वाले अन्य स्वास्थ्य केंद्रों और यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम में किया जाएगा.

पात्रता, आयु सीमा और खुराक के नियम

इस सरकारी अभियान के शुरुआती चरण में केवल 14 वर्ष से लेकर 15 वर्ष 90 दिन (लगभग साढ़े 15 साल) तक की आयु वाली किशोरियों को ही शामिल किया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, इस लक्षित आयु वर्ग में करीब 45,000 लड़कियां हैं जो तुरंत इस मुफ्त सेवा का लाभ उठा सकती हैं. इस सरकारी कार्यक्रम के तहत वैक्सीन की केवल एक सिंगल डोज (एकल खुराक) ही दी जा रही है.

प्रसिद्ध सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट गौतम मुखोपाध्याय ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि पहले यह टीका केवल व्यक्तिगत स्तर पर सक्षम लोग ही लगवा पाते थे, लेकिन अब इसे सीधे समुदाय तक पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि एचपीवी वैक्सीन के लिए सबसे उपयुक्त उम्र 9 से 15 वर्ष के बीच की होती है.

सीधे अस्पताल पहुंचकर लगवा सकेंगे टीका

यह पूरी तरह से एक 'वॉक-इन' सेवा है, यानी योग्य किशोरियां सीधे निर्धारित केंद्रों पर जाकर कतार में लग सकती हैं. टीका लगाने से पहले वहां एक सहमति पत्र (कॉन्सेन्ट फॉर्म) भरना होगा. टीका लगने के बाद किसी भी संभावित साइड इफेक्ट या प्रतिकूल प्रतिक्रिया की जांच के लिए सभी को 30 मिनट तक अस्पताल में ही डॉक्टरों की निगरानी में बैठना अनिवार्य होगा.

टीकाकरण केंद्र पर लाभार्थी किशोरी का पहचान पत्र (ID) ले जाना जरूरी है. हालांकि, अधिकारियों ने साफ किया है कि यदि किसी बच्ची के पास खुद का आईडी कार्ड नहीं है, तो भी उसे टीका लगाया जाएगा. ऐसी स्थिति में माता-पिता के पहचान पत्र के आधार पर एक अंडरटेकिंग (घोषणा पत्र) देकर बच्ची का टीकाकरण किया जा सकेगा.

निजी अस्पतालों के महंगे खर्च से मिलेगी बड़ी राहत

यह नई पहल देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र में एक बड़ा बदलाव है. इससे पहले एचपीवी वैक्सीन केवल निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध थी, जहां प्रति खुराक (डोज) की कीमत कुछ हजार रुपये होती थी. आम परिवारों के लिए यह खर्च उठाना बेहद मुश्किल था. सरकार द्वारा इसे मुफ्त किए जाने से अब आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को भी इस जानलेवा बीमारी से समय रहते सुरक्षा मिल सकेगी. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी किशोरियों के लिए एक या दो खुराक के शेड्यूल की सिफारिश करता है.