Indore 'Digital Arrest': इंदौर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर को किया गया 'डिजिटल अरेस्ट', साइबर ठगों ने खाते से उड़ाए ₹1.35 लाख; देखें VIDEO
एमपी के इंदौर में साइबर क्राइम का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर मोहित मौर्य को साइबर अपराधियों ने 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर 1.35 लाख रुपये ठग लिए.
Indore 'Digital Arrest': एमपी के इंदौर में साइबर क्राइम का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर मोहित मौर्य को साइबर अपराधियों ने 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर 1.35 लाख रुपये ठग लिए. ये ठग खुद को अधिकारी बताकर मोहित को डराते और धमकाते हुए लगातार वीडियो कॉल के जरिए निगरानी में रखे हुए थे. यह घटना तब सामने आई, जब मोहित के दोस्त अश्विन तिवारी ने पुलिस से संपर्क किया. अश्विन ने बताया कि उसने मोहित से बात करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.
इसके बाद एक संदिग्ध मैसेज मिला, जिसमें मोहित ने लिखा था कि वह 'डिजिटल अरेस्ट' में है और निगरानी में होने के कारण खुलकर बात नहीं कर सकता.
ये भी पढें: VIDEO: पॉपुलर यूट्यूबर Ankush Bahuguna हुए Digital Arrest के शिकार, 40 घंटे तक बने रहे बंधक; जानिए पूरी घटना
सॉफ्टवेयर इंजीनियर को किया 'डिजिटल अरेस्ट'
A scammer duped a software engineer of over a lakh and held him under "digital arrest". Watch the video to know what happened next.
Follow @CyberDost for the latest updates and remember to report scams to 📞1930 or https://t.co/pVyjABu4od. #I4C #AapkaCyberDost #DigitalArrest pic.twitter.com/UGX1fPwOen
— Cyber Dost (@Cyberdost) January 6, 2025
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
क्राइम ब्रांच के एडीसीपी राजेश दंडोतिया ने मोहित की लोकेशन ट्रेस की और उनके एरोड्रम इलाके स्थित घर पहुंचे. वहां मोहित एक वीडियो कॉल पर ठगों से बात कर रहा था. पुलिस ने ठगों से बात करने की कोशिश की, लेकिन जैसे ही ठगों को पुलिस की उपस्थिति का पता चला, उन्होंने कॉल काट दिया.
कैसे फंसा मोहित?
मोहित टीसीएस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है. उसने बताया कि उसे एक ऑटोमेटेड कॉल आई, जो खुद को डीएचएल कोरियर सर्विस से बता रही थी. कॉल में कहा गया कि थाईलैंड जाने वाले एक पार्सल में संदिग्ध वस्तु पाई गई है. जानकारी के लिए '1' दबाने पर मोहित को एक व्यक्ति से जोड़ा गया, जिसने खुद को कूरियर प्रतिनिधि बताया. इसके बाद कॉल एक फर्जी 'दिल्ली साइबर पुलिस अधिकारी' को ट्रांसफर की गई. उस व्यक्ति ने मोहित पर मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी बैंक खातों का आरोप लगाया. जेल जाने के डर से मोहित ने अपने बैंक डिटेल्स और पैसे ठगों को ट्रांसफर कर दिए.
पुलिस की अपील
मोहित के दोस्त की सूझबूझ से यह मामला पुलिस तक पहुंचा. अब पुलिस ने मुख्य आरोपी की पहचान के लिए 30,000 रुपये इनाम की घोषणा की है. साइबर क्राइम शाखा ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें. इसके अलावा संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत 1930 या cybercrime.gov.in पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट करें.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 06, 2025 11:10 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

