नई दिल्ली, 30 दिसंबर: भारत में चांदी की कीमतों (Silver Prices) में मंगलवार, 30 दिसंबर, 2025 को मामूली गिरावट देखी गई, क्योंकि एक हफ्ते की ऐतिहासिक बढ़त के बाद बाजार कंसोलिडेशन फेज (Consolidation Phase) में चला गया. शुरुआती कारोबार में, ज्यादातर बड़े शहरों में सफेद धातु की कीमत में लगभग 100 रुपए प्रति किलोग्राम की कमी आई, दिल्ली और मुंबई में रिटेल कीमतें लगभग 2,57,900 रुपए प्रति किलोग्राम पर स्थिर हो गईं. विश्लेषकों द्वारा इस मामूली गिरावट को हफ्ते की शुरुआत में चांदी के अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर पहुंचने के बाद एक रूटीन करेक्शन और प्रॉफिट-बुकिंग सेशन के तौर पर देखा जा रहा है. दिल्ली, चेन्नई, मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद, जोधपुर, जयपुर, श्रीनगर, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और अहमदाबाद में आज के चांदी के रेट नीचे देखें.
स्थानीय टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन लागत के कारण चांदी की कीमतों में क्षेत्रीय अंतर बना हुआ है. चेन्नई और हैदराबाद जैसे दक्षिण भारतीय शहरों में उत्तरी बाजारों की तुलना में कीमतें ज्यादा हैं. यह भी पढ़ें: Gold Rate Today, December 29, 2025: भारत में सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची, जानें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत अन्य शहरों में 22 कैरेट और 24 K सोने के आज के रेट
आज चांदी का भाव, 30 दिसंबर 2025
| शहर | प्रति किलो कीमत (INR) | प्रति 10 ग्राम कीमत (INR) |
| दिल्ली | INR 2,57,900 | INR 2,579 |
| मुंबई | INR 2,57,900 | INR 2,579 |
| चेन्नई | INR 2,80,900 | INR 2,809 |
| हैदराबाद | INR 2,80,900 | INR 2,809 |
| बेंगलुरु | INR 2,57,900 | INR 2,579 |
| अहमदाबाद | INR 2,57,900 | INR 2,579 |
| कोलकाता | INR 2,57,900 | INR 2,579 |
| श्रीनगर | INR 2,57,900 | INR 2,579 |
| जोधपुर | INR 2,57,900 | INR 2,579 |
| जयपुर | INR 2,57,900 | INR 2,579 |
| भोपाल | INR 2,57,900 | INR 2,579 |
| लखनऊ | INR 2,57,900 | INR 2,579 |
| नोएडा | INR 2,57,900 | INR 2,579 |
| गाजियाबाद | INR 2,57,900 | INR 2,579 |
| गुरुग्राम | INR 2,57,900 | INR 2,579 |
चांदी की कीमतें आसमान छू रही हैं: अभूतपूर्व बढ़ोतरी का एक साल
मौजूदा कीमतें इस सफेद धातु के लिए एक असाधारण साल का नतीजा हैं. 2025 में, चांदी सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली एसेट क्लास बनकर उभरी, जिसने लगभग 181% का रिटर्न दिया, जो सोने और यहां तक कि हाई-ग्रोथ टेक स्टॉक्स से भी कहीं ज्यादा था.
यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से 'स्ट्रक्चरल डेफिसिट' की वजह से हुई है, जहां ग्लोबल डिमांड, खासकर सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से, लगातार पांच सालों से माइनिंग सप्लाई से ज्यादा रही है.
बाजार में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल संकेत
कल का ट्रेडिंग सेशन हाल के इतिहास में सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव वाला था. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, चांदी वायदा ने INR 2,54,174 का लाइफटाइम हाई छुआ, जिसके बाद एक घंटे के अंदर ही इसमें INR 21,000 से ज्यादा की गिरावट आई.
एनालिस्ट इस तेज़ इंट्राडे करेक्शन का कारण शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) द्वारा मार्जिन की ज़रूरतों में 25% की बढ़ोतरी को मानते हैं, जिसने लेवरेज्ड ट्रेडर्स को अपना एक्सपोज़र कम करने के लिए मजबूर किया. इसके अलावा, रूस-यूक्रेन संघर्ष में संभावित राजनयिक प्रगति की उभरती रिपोर्टों ने 'सेफ-हेवन' एसेट के तौर पर मेटल की अपील को थोड़ा कम कर दिया है.
निवेशकों के लिए चांदी की कीमत का आउटलुक
हाल की गिरावट के बावजूद, मार्केट एक्सपर्ट्स लॉन्ग-टर्म के लिए पॉजिटिव आउटलुक बनाए हुए हैं. एनालिस्ट्स का कहना है कि साल के आखिरी दिनों में कीमतें रेंज-बाउंड रह सकती हैं, लेकिन स्ट्रक्चरल सप्लाई की कमी मार्केट के लिए एक मजबूत सपोर्ट बनी हुई है. खरीदारों को याद दिलाया जाता है कि लोकल ज्वैलर्स के पास रिटेल कीमतों में 3% GST और लागू मेकिंग चार्ज शामिल होंगे, जो बेस मार्केट रेट में शामिल नहीं होते हैं.













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