Ticket Concession for Senior Citizens: देश के करोड़ों वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाला केंद्रीय बजट बड़ी खुशखबरी लेकर आ सकता है. सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार रेल टिकटों पर वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली रियायत (Concession) को आंशिक या पूर्ण रूप से बहाल करने पर विचार कर रही है. कोविड-19 महामारी के दौरान मार्च 2020 में रोकी गई यह सुविधा पिछले पाँच वर्षों से बंद है, जिसे लेकर बुजुर्गों और सामाजिक संगठनों में लंबे समय से मांग बनी हुई है.
संसद में गूंजी रियायत की मांग
हाल के सत्रों में विपक्षी सांसदों और रेलवे की स्थायी समिति ने वरिष्ठ नागरिकों को फिर से छूट देने की पुरजोर सिफारिश की है. समिति ने सुझाव दिया है कि कम से कम स्लीपर क्लास और 3AC में बुजुर्गों को यह रियायत वापस दी जानी चाहिए. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पूर्व में संसद में बताया था कि रेलवे पहले से ही हर यात्री को किराए पर औसतन 45% से 46% की सब्सिडी दे रहा है, लेकिन वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से मिलने वाली 40-50% की छूट को लेकर अब तक कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है. यह भी पढ़े: Budget Session 2026: संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से होगा शुरू; राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी मंजूरी
बजट 2026 से क्या है उम्मीदें?
विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026 में सरकार वरिष्ठ नागरिकों को खुश करने के लिए रियायत के नियमों में कुछ बदलाव कर सकती है:
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उम्र सीमा में बदलाव: रियायत के लिए पात्रता की आयु सीमा को बढ़ाया जा सकता है.
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चुनिंदा श्रेणियों में छूट: स्लीपर और इकोनॉमी क्लास में रियायत को फिर से शुरू किया जा सकता है.
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आंशिक रियायत: पहले मिलने वाली 40-50% छूट के बजाय इसे 25-30% तक सीमित किया जा सकता है.
रेलवे की कमाई और रियायत का गणित
एक आरटीआई (RTI) रिपोर्ट के अनुसार, रियायत बंद होने के बाद से पिछले पांच वर्षों में रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों से लगभग ₹8,913 करोड़ की अतिरिक्त कमाई की है. इस अवधि में लगभग 31 करोड़ से अधिक बुजुर्ग यात्रियों ने बिना किसी छूट के यात्रा की है. हालांकि, रेलवे का तर्क रहा है कि पेंशन और परिचालन खर्च के भारी बोझ के कारण सब्सिडी देना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन चुनावी साल और सामाजिक कल्याण को देखते हुए इस बार राहत की उम्मीदें काफी अधिक हैं.
क्या था पुराना नियम?
कोविड से पहले, भारतीय रेलवे में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पुरुषों को 40% और 58 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को टिकट की मूल दर पर 50% की छूट मिलती थी. यह सुविधा राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेनों सहित सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में उपलब्ध थी.












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