WhatsApp डेटा स्टोर करने की अनिवार्य आवश्यकता के बिना भारत में UPI Payment Application को शुरू करने की देता है अनुमति? SC ने याचिका पर सुनवाई के बाद NPCI और RBI को जारी किया नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने सीपीआई नेता बिनॉय विश्वम द्वारा दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई के बाद नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और आरबीआई को नोटिस जारी किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि अधिकारी वॉट्सऐप को भारत में डेटा स्टोर करने की अनिवार्य आवश्यकता के बिना भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई पेमेंट एप्लिकेशन शुरू करने की अनुमति दे रहे हैं.
- Read in
- English
नई दिल्ली: देश के सर्वोच्च न्यायालय यानी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सीपीआई (CPI) नेता बिनॉय विश्वम (Binoy Viswam) द्वारा दायर की गई एक याचिका (Petition) पर सुनवाई के बाद नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (National Payments Corporation of India (NPCI)) और आरबीआई (RBI) को नोटिस जारी किया है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि अधिकारी वॉट्सऐप (WhatsApp) को भारत में डेटा स्टोर करने की अनिवार्य आवश्यकता के बिना भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (Unified Payments Interface) यानी यूपीआई पेमेंट एप्लिकेशन (UPI Payment Application) शुरू करने की अनुमति दे रहे हैं.
अपनी दलील में सीपीआई नेता ने अधिकारियों पर फेसबुक (Facebook) के स्वामित्व वाले वॉट्सऐप को भारत में यूपीआई पेमेंट एप्लिकेशन को देश में डेटा संग्रहित करने की अनिवार्य आवश्यकता के बिना शुरू करने की अनुमति देने का आरोप लगाया. इस याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एनपीसीआई और आरबीआई को नोटिस जारी किया है. यह भी पढ़ें: EPFO की WhatsApp Helpline सेवा शुरू, PF ग्राहक अब ऐसे उठा सकते हैं Provident Fund सुविधाओं का लाभ
देखें ट्वीट-
Supreme Court issues notice to National Payments Corporation of India & RBI after hearing a petition filed by CPI leader Binoy Viswam, alleging authorities are permitting WhatsApp to start UPI payment application in India without mandatory requirement of storing data in India.
— ANI (@ANI) October 15, 2020
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, विश्वम के लिए पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान (Senior advocate Shyam Divan) ने कहा कि आरबीआई ने अप्रैल 2018 में एक आदेश जारी कर फर्मों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि इन मंचों पर डेटा का लेन-देन भारत के भीतर एक सर्वर में सुरक्षित है, जिसका अनुपालन अक्टूबर 2018 तक किया जाना था, लेकिन दीवान के अनुसार इसका अनुपालन नहीं किया गया.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 15, 2020 03:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

