सतारा: महाराष्ट्र (Maharashtra) के सतारा जिले (Satara) के दरे गांव में एक ऐसी घटना घटी है जिसने हर किसी की आंखों में आंसू ला दिए हैं. भारतीय सेना के जवान (Indian Army Jawan) प्रमोद परशुराम जाधव (Pramod Parashuram Jadhav) का उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. यह विडंबना ही थी कि जिस समय जवान का पार्थिव शरीर घर पहुंचा, उसी के कुछ समय बाद उनकी पत्नी ने एक नन्ही बेटी को जन्म दिया. एक तरफ परिवार में नए जीवन के आगमन की खुशी थी, तो दूसरी तरफ घर के चिराग के बुझ जाने का असहनीय गम. प्रमोद परशुराम जाधव भारतीय सेना में सिकंदराबाद-श्रीनगर सेक्टर में तैनात थे. उनकी मां का पहले ही निधन हो चुका था, इसलिए वे अपनी गर्भवती पत्नी की देखभाल और बच्चे के जन्म के समय साथ रहने के लिए करीब आठ दिन पहले ही छुट्टी लेकर गांव आए थे.
शनिवार को जब वे किसी निजी काम से अपनी मोटरसाइकिल पर जा रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार आयशर टेंपो ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. यह टक्कर इतनी भीषण थी कि प्रमोद की मौके पर ही मौत हो गई. इस खबर ने पूरे दरे गांव और पारली घाटी को शोक में डुबो दिया.
बेटी के जन्म के कुछ घंटे बाद शहीद जवान का अंतिम संस्कार
8 घंटे की नवजात बेटी ने देखा शहीद पिता का आखिरी सफर
बेटी दुनिया मे आई और पिता दुनिया से चले गए
महाराष्ट्र के दरे जिले के जवान प्रमोद परशुराम जाधव
की एक सड़क दुर्घटना मे जान चली गई
शत- शत नमन 🙏 pic.twitter.com/tiMUvS8bfr
— Nehra Ji (@nehraji779) January 11, 2026
बेटी ने दी पिता को अंतिम विदाई
रविवार को जब प्रमोद का पार्थिव शरीर उनके घर लाया गया, तो वहां का दृश्य अत्यंत भावुक था. उनकी पत्नी ने एक अस्पताल में बेटी को जन्म दिया था. अंतिम संस्कार से पहले, उनकी पत्नी और कुछ ही घंटे पहले जन्मी नवजात बेटी को प्रमोद के 'अंतिम दर्शन' के लिए लाया गया. पिता के पार्थिव शरीर के पास अपनी कुछ घंटों की बेटी को देखना वहां मौजूद हर व्यक्ति के लिए हृदयविदारक क्षण था.
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
शहीद जवान प्रमोद जाधव का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया. प्रशासन के अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और भारी संख्या में ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी. सेना की टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया और हवा में गोलियां दागकर सलामी दी.
सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद देशभर से लोग अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि प्रमोद एक मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ सैनिक थे, जिनका असमय जाना पूरे क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति है.













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