India Republic Day 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) पर माल्यार्पण कर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं के प्रमुखों की उपस्थिति में आयोजित इस गरिमामय समारोह के साथ ही राष्ट्रीय उत्सव की औपचारिक शुरुआत हुई.
शहीदों को नमन और सैन्य सम्मान
नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचने पर प्रधानमंत्री का स्वागत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया. प्रधानमंत्री ने 'अमर चक्र' पर पुष्पचक्र अर्पित कर मौन धारण किया. इस दौरान 'इंटर-सर्विसेज गार्ड' ने सलामी दी और शोक धुन बजाई गई. इसके पश्चात प्रधानमंत्री कर्तव्य पथ के लिए रवाना हुए, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की सलामी ली. यह भी पढ़े: India Republic Day 2026 Google Doodle: देशभर में 77वें गणतंत्र दिवस की धूम, गूगल ने डूडल बनाकर कुछ इस तरह देशवासियों को दी बधाई
PM मोदी ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि
#RepublicDay2026🇮🇳: Prime Minister Narendra Modi leads the nation in paying homage to the fallen soldiers at the National War Memorial in Delhi
(Source: DD) pic.twitter.com/s9SuJfI63k
— ANI (@ANI) January 26, 2026
यूरोपीय संघ के नेता बने मुख्य अतिथि
इस वर्ष का गणतंत्र दिवस कूटनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण रहा. यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन समारोह के मुख्य अतिथि रहे. यह भारत और यूरोपीय संघ के बीच मजबूत होते रणनीतिक और व्यापारिक संबंधों का प्रतीक है. दोनों नेताओं ने राष्ट्रपति मुर्मू के साथ पारंपरिक बग्गी में बैठकर कर्तव्य पथ पर प्रवेश किया.
वंदे मातरम के 150 वर्ष और सैन्य शक्ति का प्रदर्शन
परेड की मुख्य थीम राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 गौरवशाली वर्षों पर आधारित रही. कर्तव्य पथ पर सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हुए पहली बार 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) की झांकी पेश की गई, जो पिछले वर्ष आतंकवाद के खिलाफ भारत की बड़ी सैन्य सफलता को दर्शाती है.
प्रमुख हथियार: परेड में ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश मिसाइल सिस्टम और स्वदेशी लाइट फील्ड गन का प्रदर्शन किया गया.
फ्लाईपास्ट: आसमान में 29 लड़ाकू विमानों ने जौहर दिखाया, जिसमें राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, और स्वदेशी प्रचंड हेलीकॉप्टर शामिल रहे.
कला संस्कृति: देशभर के लगभग 2,500 कलाकारों ने 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विविधता में एकता' का संदेश देते हुए शानदार प्रस्तुतियां दीं.
जन भागीदारी: 10,000 विशेष मेहमान
इस साल 'जन भागीदारी' (People's Participation) पर विशेष जोर दिया गया. प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम के प्रतिभागियों, लखपति दीदियों, और कर्तव्य भवन के निर्माण श्रमिकों सहित लगभग 10,000 विशेष मेहमानों को परेड देखने के लिए आमंत्रित किया गया था.
प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम अपने संदेश में कहा, "यह राष्ट्रीय पर्व हमारे लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों का प्रतीक है. आइए हम सब मिलकर एक 'विकसित भारत' के संकल्प को और मजबूत करें."












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