Renowned Poet Akkitham Achuthan Namboothiri Passes Away: जाने-माने कवि अक्कितम अच्युतन नंपूतिरि का 94 की आयु में निधन
प्रसिद्ध मलयालम कवि और ज्ञानपीठ के साहित्यकार अक्कितम अच्युतन नंपूतिरि का गुरुवार आज सुबह निधन हो गया. वे 94 वर्ष के थे. पिछले कुछ दिनों से उम्र से संबंधित बीमारियों का अक्कितम का त्रिशूर के प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था. सुबह 8.10 बजे उनकी मौत की घोषणा की गई.
त्रिशूर: प्रसिद्ध मलयालम कवि और ज्ञानपीठ के साहित्यकार अक्कितम अच्युतन नंपूतिरि का गुरुवार आज सुबह निधन हो गया. वे 94 वर्ष के थे. पिछले कुछ दिनों से उम्र से संबंधित बीमारियों का अक्कितम का त्रिशूर के प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था. सुबह 8.10 बजे उनकी मौत की घोषणा की गई. अक्कितम अच्युतन नंबोतिरी, जिन्हें अक्कितम के नाम से जाना जाता है, ने मलयालम में 43 से अधिक काम किए हैं. इरुपथम नुटनदिं इतिहसम’(‘Irupatham Nootandinte Ithihasam) उनके प्रमुख कार्यों में से एक हैं. निमिषा क्षेष्ठराम, उपनयनम, समवत्थानम, भगवत्थम, बालदर्शनम्, वेणक्कलिनते कथा, मनसकश्युदे पुष्कल, पंचवर्णकली, अरंगतात्म, मधुविदु, ओरु कुला मुन्तिरिंगा, पृथिव्यां ध्रुव लोकम् लोकम् आदि उनकी प्रमुख रचनाएं हैं.
अक्कितम छठे मलयालम लेखक हैं, जिन्होंने ज्ञानपीठ पुरस्कार जीता. कुछ दिनों पहले COVID प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए आयोजित एक छोटे समारोह में उन्हें यह सम्मान मिला. इससे पहले, उन्हें 2017 में भारत सरकार के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म श्री से सम्मानित किया गया था.
देखें ट्वीट:
Kerala: Renowned Malayalam poet and Jnanpith laureate Akkitham Achuthan Namboothiri passes away at 94 in Thrissur
— ANI (@ANI) October 15, 2020
उन्होंने केंद्र और केरल साहित्य अकादमी पुरस्कार, एझुथचन पुरस्करम, ओडक्कुज़ल पुरस्कार, आसन स्मार्का कविता पुरस्कार, संजयन पुरस्कार, पद्मप्रभ साहित्य पुरस्कार, मातृभूमि साहित्य पुरस्कार, ललितांबिका अंतराजनम स्मारिका साहित्य सम्मान, कृष्णा गीधी अवार्ड, नलप्पद अवार्ड, पुथेजन अवार्ड सहित कई अन्य पुरस्कार जीते.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 15, 2020 09:48 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

