नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में सीटों को लेकर चल रही खींचतान अब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गई है. सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने गुरुवार को लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) को फोन कर सीट बंटवारे के मुद्दे पर बात की. इस टेलीफोनिक बातचीत के नतीजे का अभी इंतजार किया जा रहा है.
बिहार चुनाव के पहले चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और नामांकन की अंतिम तिथि भी करीब है. ऐसे में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के बीच सहमति न बनने से महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो सीटों की संख्या और कुछ खास क्षेत्रों को लेकर मतभेद सबसे बड़ी वजह है.
61 सीटों पर बनी बात, लेकिन कुछ सीटों पर अड़ंगा
शुरुआत में आरजेडी ने कांग्रेस को 52 सीटों की पेशकश की थी, लेकिन कांग्रेस ने कम से कम 60 सीटों की मांग की. बाद में बातचीत का स्तर राज्य इकाई से उठाकर राष्ट्रीय नेतृत्व के बीच कर दिया गया. अब आरजेडी कांग्रेस की 61 सीटों की मांग पर सहमत दिख रही है, लेकिन कुछ सीटों जैसे कहलगांव, नरकटियागंज और वसलीगंज को छोड़ने से इनकार कर रही है. इन सीटों को आरजेडी अपना गढ़ मानती है.
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2020 से कम सीटों पर लड़ने को तैयार कांग्रेस
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस अब 61 सीटों पर समझौते को तैयार है. यह 2020 के चुनावों से 9 सीटें कम हैं, जब उसने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था और सिर्फ 19 सीटों पर जीत हासिल की थी. आरजेडी को इस बार भी सीटों का बड़ा हिस्सा मिलने की उम्मीद है, हालांकि वह पिछली बार की तुलना में कुछ सीटें कम भी लड़ सकती है.
वाम दलों और सहयोगियों को भी मिलेगा हिस्सा
महागठबंधन में शामिल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जैसे वाम दलों को भी कुछ सीटें मिलने की संभावना है. इसके अलावा पूर्व मंत्री मुकेश सहनी (Mukesh Sahani) को भी शामिल किया जा सकता है.
कांग्रेस ने जारी की पहली लिस्ट, आरजेडी ने वापस लिए सिंबल
महागठबंधन में गतिरोध के बीच बुधवार रात कांग्रेस ने अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी. इसी बीच तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने राघोपुर सीट से नामांकन भी दाखिल किया. खबरें यह भी आईं कि लालू यादव ने कुछ आरजेडी प्रत्याशियों को पार्टी सिंबल बांट दिए थे, लेकिन बाद में तेजस्वी के दिल्ली से लौटने के बाद वह सिंबल वापस ले लिए गए.
आने वाले दिनों में हो सकता है बड़ा फैसला
राजनीतिक हलकों में अब यह माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला हो सकता है. कांग्रेस और आरजेडी दोनों ही महागठबंधन की एकजुटता को बनाए रखने के पक्ष में हैं, ताकि एनडीए को चुनौती दी जा सके. अब सभी की निगाहें राहुल गांधी और लालू यादव की बातचीत के नतीजे पर टिकी हैं.













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