Raghav Chadha’s Video: राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने पर चड्ढा का AAP पर निशाना, वीडियो जारी कर कहा- 'मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना'
Raghav Chadha (Photo Credits: X/@raghav_chadha)

Raghav Chadha’s Video: आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख चेहरे और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने उच्च सदन में पार्टी के ‘उपनेता’ पद से अचानक हटाए जाने के बाद शुक्रवार को अपनी प्रतिक्रिया दी.  चड्ढा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसका शीर्षक उन्होंने “खामोश हूं, पराजित नहीं” रखा. इसके साथ ही उन्होंने कहा, “मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना, मैं दरिया हूं… समय आने पर सैलाब बन जाऊंगा.” उन्होंने ‘आम आदमी’ के लिए भी अपना  खासकर यह संदेश साझा किया. इस घटनाक्रम को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और चड्ढा के बीच बढ़ती दूरियों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

अशोक मित्तल लेंगे राघव चड्ढा की जगह

पार्टी ने 2 अप्रैल 2026 को राज्यसभा सचिवालय को एक औपचारिक पत्र भेजकर राघव चड्ढा की जगह पंजाब के सांसद अशोक मित्तल को उपनेता नियुक्त करने का अनुरोध किया था. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पार्टी ने सचिवालय से यह भी आग्रह किया है कि चड्ढा को पार्टी के कोटे से बोलने का समय (Speaking Time) न दिया जाए. इस कदम से संसद के भीतर उनकी भूमिका और प्रभाव काफी सीमित होने की संभावना है.

 राघव चड्ढा का पोस्ट

वीडियो में उठाए जनता के मुद्दे

राघव चड्ढा द्वारा साझा किए गए वीडियो मोंटाज में उनके उन पुराने भाषणों को दिखाया गया है, जिनमें उन्होंने मध्यम वर्ग के मुद्दों, टैक्स के बोझ और डिजिटल अधिकारों पर आवाज उठाई थी. वीडियो के अंत में उन्होंने सवाल किया, "मैंने हमेशा जनता के मुद्दे उठाए हैं. क्या मैंने कुछ गलत किया है?"

क्या पार्टी में हाशिए पर हैं चड्ढा?

कभी अरविंद केजरीवाल के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाने वाले राघव चड्ढा पिछले कुछ समय से पार्टी में हाशिए पर नजर आ रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि दिल्ली आबकारी मामले में वरिष्ठ नेताओं को मिली कानूनी राहत के बाद उनकी चुप्पी और प्रमुख कार्यक्रमों से उनकी अनुपस्थिति ने आंतरिक तनाव को और हवा दी है.

राजनीतिक मायने

हालांकि आम आदमी पार्टी ने इस कदम को एक "नियमित पुनर्गठन" (Routine Reorganization) करार दिया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन के बदलाव के रूप में देख रहे हैं. अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपना पंजाब लॉबी को मजबूत करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है.

फिलहाल, राघव चड्ढा के इस वीडियो संदेश ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है. अब देखना यह होगा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उनके इस सार्वजनिक रुख पर क्या प्रतिक्रिया देता है.