पुणे: महाराष्ट्र (Maharashtra) के पुणे जिले (Pune) से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां मोराची चिंचोली गांव (Morachi Chincholi Village) स्थित 'जय मल्हार एग्री-टूरिज्म सेंटर' (Jai Malhar Agri-Tourism Centre) में एक वाटर स्लाइड दुर्घटना (Water Slide Accident) के बाद 37 वर्षीय महिला लकवाग्रस्त (Paralysed) हो गई. यह घटना मंगलवार, 7 अप्रैल को हुई, जब महिला अपने परिवार के साथ छुट्टियों का आनंद लेने गई थी. पुलिस ने इस मामले में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप में पार्क के मालिक और प्रबंधक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. यह भी पढ़ें: Pune Shocker: पुणे के वाकड में मौत को छूकर निकली लोहे की रॉड, कैब का शीशा चीरते हुए अंदर घुसी, टला बड़ा हादसा, कोई हताहत नहीं; देखें VIDEO
वाटर स्लाइड पर हुआ हादसा
करंदी गांव की रहने वाली अश्विनी संदीप नापते अपने परिवार के साथ इस प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर पहुंची थीं. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब अश्विनी वाटर स्लाइड से नीचे आ रही थीं, तो वे बहुत तेज गति से स्लाइड के नीचे बने उथले पूल (shallow pool) में जा गिरीं. शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि लैंडिंग पॉइंट पर पानी का स्तर सुरक्षा मानकों से कम था, जिसके कारण अश्विनी का शरीर सीधे जमीन से टकराया और वे तुरंत बेहोश हो गईं.
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
पीड़िता के परिवार ने टूरिज्म सेंटर में आपातकालीन सुविधाओं की कमी पर गंभीर सवाल उठाए हैं. परिजनों का आरोप है कि हादसे के वक्त वहां न तो कोई एम्बुलेंस मौजूद थी, न ही कोई प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ या प्राथमिक उपचार की व्यवस्था. अश्विनी को अस्पताल ले जाने के लिए परिवार को निजी एम्बुलेंस का इंतजार करना पड़ा, जिससे इलाज में देरी हुई.
रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट की पुष्टि
अश्विनी का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि उनके शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं. इस प्रभाव के कारण उनकी रीढ़ की चार कशेरुक (Vertebrae) टूट गई हैं, जिससे कमर के नीचे का हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया है. चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षा मानकों, जैसे पानी की पर्याप्त गहराई का पालन न करने पर इस तरह की भीषण चोटें लगना स्वाभाविक है. यह भी पढ़ें: Pune Shocker: सोसायटी के अंदर तेज रफ्तार कार ने 5 साल के मासूम को कुचला, मौके पर ही मौत; CCTV में कैद हुई घटना
पुलिस कार्रवाई और जांच
शिकायत के बाद शिरूर पुलिस स्टेशन ने पार्क के मालिक और मैनेजर के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया है. जांच अधिकारी गोविंद खटिंग ने बताया कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या सुविधा के पास आवश्यक सुरक्षा प्रमाणपत्र और अनुमतियां थीं. इसके साथ ही स्लाइड और पूल क्षेत्र का तकनीकी निरीक्षण भी किया जाएगा.
साल 2014 में स्थापित यह एग्री-टूरिज्म सेंटर 25 एकड़ में फैला हुआ है और पुणे के करीब होने के कारण पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है. हालांकि, इस घटना ने गर्मियों के दौरान ऐसे केंद्रों पर बढ़ती भीड़ और वहां सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है.













QuickLY