Pune Shocker: पुणे के वाकड में मौत को छूकर निकली लोहे की रॉड, कैब का शीशा चीरते हुए अंदर घुसी, टला बड़ा हादसा, कोई हताहत नहीं; देखें VIDEO
(Photo Credits: X/@UWCforYouth)

Pune Shocker:  पुणे के वाकड इलाके में मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर सोमवार को एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई. एक ओवरलोडेड टेंपो में लदी लोहे की रॉड अचानक पीछे चल रही एक कैब के विंडशील्ड (अगले कांच) को चीरते हुए अंदर घुस गई. यह हादसा इतना भीषण था कि रॉड सीधे ड्राइवर की बगल वाली सीट तक पहुंच गई. गनीमत रही कि इस दौरान कार में कोई यात्री नहीं था और ड्राइवर भी बाल-बाल बच गया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने हाईवे पर वाहनों की सुरक्षा और भारी सामान ले जाने वाले नियमों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना सोमवार सुबह की है जब एक मालवाहक टेंपो लोहे की लंबी छड़ें (Iron Rods) लेकर बेंगलुरु की दिशा में जा रहा था. रॉड टेंपो के पिछले हिस्से से काफी बाहर निकली हुई थीं और उन पर कोई सुरक्षात्मक संकेत या लाल कपड़ा नहीं बंधा था. वाकड फ्लाईओवर के पास जैसे ही टेंपो ने अचानक ब्रेक मारा, पीछे चल रही कैब के विंडशील्ड में वे रॉड भाले की तरह जा घुसीं. यह भी पढ़े:  Maharashtra Car Accident: नागपुर के बोरखेड़ी फ्लाईओवर से तेज रफ्तार कार रेलवे ट्रैक पर गिरी, 5 लोग घायल (See Pics)

पुणे में बड़ा हादसा टला

बाल-बाल बची ड्राइवर की जान

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि लोहे की कई रॉड कार के शीशे को पार कर अंदरूनी हिस्से तक पहुंच गई हैं. अगर उस समय कार की अगली सीट पर कोई यात्री बैठा होता, तो यह एक बड़ी त्रासदी हो सकती थी. हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा. स्थानीय लोगों और अन्य वाहन चालकों ने तुरंत रुककर कैब ड्राइवर की मदद की, जो इस घटना के बाद सदमे में था.

पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा नियम

पुणे ट्रैफिक पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए संबंधित टेंपो चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और खतरनाक तरीके से सामान ढोने का मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

नियमों के अनुसार:

  • किसी भी वाहन में सामान उसकी बॉडी (ढांचे) से बाहर नहीं निकला होना चाहिए.

  • यदि सामान बाहर निकल रहा है, तो दिन के समय लाल कपड़ा और रात के समय लाल लाइट का होना अनिवार्य है ताकि पीछे वाले वाहन सतर्क रहें.

  • भारी वाहनों को हमेशा सुरक्षित दूरी (Safe Distance) बनाए रखनी चाहिए.

हाईवे पर बढ़ती लापरवाही

यह घटना हाईवे पर सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का एक और उदाहरण है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर ओवरलोडेड वाहन और खतरनाक तरीके से सामान ले जाने वाले ट्रक आम बात हो गए हैं. पुलिस द्वारा समय-समय पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन नियमों की अनदेखी के कारण ऐसे 'रोड शॉकर्स' लगातार सामने आ रहे हैं.