Priyanka Chaturvedi on Budget 2025: बजट में 12 लाख तक कर छूट देकर सुर्खियां बटोरने का काम हुआ; प्रियंका चतुर्वेदी
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नई दिल्ली, 2 फरवरी : लोकसभा में शनिवार को पेश आम बजट को शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने जमीनी हकीकत से दूर बताया और कहा कि इससे जनता को फायदा नहीं हुआ है. प्रियंका चतुर्वेदी ने रविवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह लगातार आठवां बजट था. हमें उम्मीद थी कि जनता को कुछ राहत मिलेगी. उन्होंने 12 लाख रुपये तक की आय को करमुक्त कर वाहवाही जरूर बटोरी, लेकिन जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है."

उन्होंने कहा कि बजट में बेकाबू हो रही महंगाई पर चर्चा नहीं हुई. नई नौकरियों के अवसर कैसे पैदा होंगे, इसका कोई जिक्र नहीं हुआ. हमें अब भी नहीं पता कि युवाओं के लिए उन्होंने जिस इंटर्नशिप कार्यक्रम की घोषणा की थी, उसके तहत कितने लोगों को रोजगार मिला है. किसानों के लिए एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर कोई बात नहीं हुई. उन्होंने कहा कि बजट का निष्कर्ष निकालें तो कुछ सुर्खियां बनाई हैं, लेकिन हकीकत में जनता का फायदा नहीं हुआ है. शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने कहा, "मैं फिर भी इस बजट का स्वागत करूंगी क्योंकि, टैक्स स्लैब में जनता को राहत मिली है." यह भी पढ़ें : BMC Budget 2025-26: मुंबईकरों के लिए 4 फरवरी को खुलेगा खजाना! देश की सबसे अमीर महानगरपालिका बीएमसी का पेश होगा बजट

बजट में दो चुनावी राज्यों पर फोकस के आरोप पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "अगर वे चुनावों को ध्यान में रखते हुए बजट पेश कर रहे हैं, तो यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है. इससे "एक राष्ट्र, एक चुनाव" की अवधारणा की धज्जियां उड़ रही हैं क्योंकि अगर आप देखें तो बिहार के लोग शायद यह चाह रहे होंगे कि चुनाव हर साल आएं, ताकि वित्त मंत्री उन पर ध्यान दें. आज महाराष्ट्र का विधानसभा चुनाव हो गया है तो बजट में एक बार भी महाराष्ट्र का नाम नहीं लिया गया. भाजपा को 100 से ज्यादा विधायक देने के बावजूद जनता के साथ विश्वासघात हुआ है.

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वार मुख्य चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखे जाने पर शिवसेना सांसद ने कहा, "जिस तरह से चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी की सभी शिकायतों को संभालता है, उसी निष्पक्षता की मांग आम आदमी पार्टी कर रही है. हम देख रहे हैं कि कैसे कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है, और यहां तक कि अरविंद केजरीवाल पर हमला हुआ. उन्हें सुरक्षा देने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है. पंजाब पुलिस द्वारा उन्हें सुरक्षा दी जा रही थी, उसे भी वापस ले लिया गया. यह एक लक्षित अभियान की तरह लगता है, जहां स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रक्रिया को ठीक से लागू नहीं किया जा रहा है. केजरीवाल की शिकायत पर उम्मीद है कि चुनाव आयोग संज्ञान लेगा और कार्रवाई करेगा."

वक्फ संशोधन विधेयक पर बनी संयुक्त संसदीय समिति के अपनी रिपोर्ट पेश किए जाने पर सांसद ने कहा, "जहां तक मुझे लगता है, सोमवार से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी. अगर यह विधेयक पेश किया जाता है, तो हमें देखना होगा कि इसमें क्या प्रावधान हैं, संयुक्त संसदीय समिति ने क्या संशोधन किए हैं, और उसकी समीक्षा करने के बाद ही इस पर कोई टिप्पणी की जा सकती है."

तहव्वुर राणा को भारत वापस लाने पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि तहव्वुर राणा का आना 18 साल की लंबी लड़ाई का नतीजा है. मुंबई के लोग, जो इतने साल से न्याय की उम्मीद कर रहे हैं, अब भी हमले के पीछे के मुख्य और दूसरे साजिशकर्ताओं के पकड़े जाने का इंतजार कर रहे हैं. कुछ पाकिस्तान में बैठे हैं, तो कुछ अमेरिकी नागरिक हैं, इसलिए कार्रवाई में देरी हो रही है. इन्हें जल्द से जल्द भारत लाकर सजा देनी चाहिए."