Gallantry Awards 2019: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वीरों को किया सम्मानित, सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत को मिला परम विशिष्ट सेवा मेडल पुरस्कार
राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के हाथों सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत को परम विशिष्ट सेवा मेडल सम्मान से पुरस्कृत किया गया. वहीं सेना के सिपाही ब्रह्म पाल सिंह और सीआरपीएफ (CRPF) के दो जवानों राजेंद्र नैन और नवीन बब्बन धनवाडे को मरणोपरांत कीर्ति चक्र दिया गया.
नई दिल्ली: देश की सुरक्षा, सेवा लिए अदम्य साहस का परिचय देने वाले सैन्य वीर जवानों के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में गुरुवार को एक समारोह का आयोजन किया गया था. इस दौरान राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के हाथों सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत को परम विशिष्ट सेवा मेडल सम्मान से पुरस्कृत किया गया. वहीं सेना के सिपाही ब्रह्म पाल सिंह और सीआरपीएफ (CRPF) के दो जवानों राजेंद्र नैन और नवीन बब्बन धनवाडे को मरणोपरांत कीर्ति चक्र दिया गया. मेजर तुषार गौबा को भी कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया. बाकी अन्य 15 सेना के जवानों शौर चक्र दिया गया है.
बता दें कि जनरल बिपिन रावत सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग के बाद देश के नए आर्मी चीफ बने हैं. उन्होंने 31 दिसंबर 2016 को थल सेनाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया था. Gallantry Awards 2019 के अवार्ड में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत को विशिष्ट सेवा मेडल से नवाजा गया.
#PresidentKovind presents Param Vishisht Seva Medal (PVSM) to General Bipin Rawat, Chief of the Army Staff, at the Defence Investiture Ceremony held at Rashtrapati Bhavan pic.twitter.com/TlclN7YD8m
— President of India (@rashtrapatibhvn) March 14, 2019
वहीं सरकार की तरफ से दिए जाने वाले इस वीरता पुरस्कार में मेजर तुषार गौबा को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया. मेजर तुषार गौबा 20 जाट रेजीमेंट से हैं. उनकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा सेक्टर में थी. उन्होंने एलओसी (LOC) के पास तीन आतंकियों को एक मुठभेड़ में मार गिराया था. पाक समर्थित आतंकी भारतीय इलाके में घुसपैठ की कोशिश में थे. उनके इस वीरता को देखते हुए कीर्ति चक्र से सम्मानित किया
#PresidentKovind presents Kirti Chakra to Major Tushar Gauba, 20th Batallion, Jat Regiment. He displayed unparalleled bravery, conspicuous gallantry under heavy terrorist fire and swift action to save his party, and eliminated three hardcore terrorists across LoC in Kupwara, J&K pic.twitter.com/Cl9J2syl0G
— President of India (@rashtrapatibhvn) March 14, 2019
बता दें कि पीवीएसएम, भारत का एक सैन्य पुरस्कार है. इसका गठन 1960 में किया गया था और तब से आज तक, यह शांति के लिए और सेवा क्षेत्र में सबसे असाधारण कार्य (मरणोपरांत भी ) के लिए सम्मानित किया जाता रहा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 14, 2019 04:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

