उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बड़ी सौगात, प्रदेश में 69 हजार शिक्षकों को मिलेगी सरकारी नौकरी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य के शिक्षा को उज्जवल बनाने के लिए एक नई सौगात देने जा रहे है. यह सौगात प्रदेश के शिक्षकों होगी. सीएम योगी आदित्यनाथ शिक्षकों को बड़ी सौगात देने वाले हैं. यूपी सरकार जल्द ही 69 हजार पदों पर भर्ती हुए नए शिक्षकों की नियुक्ति करने वाली है. नियुक्ति पत्र मिलने के बाद सिर्फ नए नियुक्त शिक्षकों को स्कूलों का आवंटन होना बाकी है.
लखनऊ, 5 दिसंबर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) राज्य के शिक्षा (Education) को उज्जवल बनाने के लिए एक नई सौगात देने जा रहे है. यह सौगात प्रदेश के शिक्षकों (Teachers) होगी. सीएम योगी आदित्यनाथ शिक्षकों को बड़ी सौगात देने वाले हैं. यूपी सरकार जल्द ही 69 हजार पदों पर भर्ती हुए नए शिक्षकों की नियुक्ति करने वाली है. सीएम योगी स्वयं कई शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे. आज (शनिवार) को औपचारिक तौर 69 हजार शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, साथ ही योगी सरकार 69 हजार पदों पर शिक्षकों को नियुक्ति देने का नया रिकॉर्ड भी कायम करेगी. सीएम योगी कुछ शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देंगे इसके बाद वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के जरिये राज्य के अन्य जिलों में नव नियुक्त शिक्षकों को संबोधित करेंगे.
यह वीडियो कान्फ्रेन्सिंग मुख्यमंत्री आवास पर की जाएगी जहां नवयुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौपे जायेगे. सीएम योगी के संबोधन के बाद प्रदेश के बाकी सभी जिलों के प्रभारी मंत्री शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौपेंगे. इसके बाद औपचारिक तौर पर 69 हजार अभ्यर्थियों को एक शिक्षक के तौर पर नौकरी मिल जाएगी. बता दे कि इस भर्ती के तहत 31 हजार से ज्यादा शिक्षकों को पहले ही नियुक्ति दी जा चुकी है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन होने के कारण 36 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों की भर्ती रूक गई थी. सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के साथ ही सरकार ने बाकी बचे 36 हजार से ज्यादा पदों पर नियुक्ति कर देगी.
मिली जानकरी के अनुसार, नियुक्ति पत्र मिलने के बाद सिर्फ नए नियुक्त शिक्षकों को स्कूलों का आवंटन होना बाकी है हालांकि प्रदेश के जिलों में काउंसलिंग करा दी गई है. माना जा रहा है कि, अगले सप्ताह तक बेसिक शिक्षा विभाग यह काम भी कर लेगी. अब भी डेढ़ हजार सीटें खाली हैं, जिसे अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित किया गया हैं. परंतु दावेदारी न होने के कारण यह सीटें खाली हैं.
बहरहाल, यूपी सरकार ने इस भर्ती की शुरूआत 22 दिसंबर 2018 को ही की थी जिसके बाद 6 जनवरी 2019 को परीक्षा हुई और परिणाम आया 6 फरवरी 2019 में, लेकिन सरकार द्वारा कटऑफ घोषित करने के बाद यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में चला गया और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के पास पहुंचा. सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई के बाद इस भर्ती का कार्यक्रम शुरू हुआ.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 05, 2020 10:29 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

