Karnataka Political: कर्नाटक की राजनीति में चल रही सियासी हलचल एक बार फिर चर्चा में है. उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थकों ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज कर दिए हैं। बेंगलुरु समेत राज्य के कई हिस्सों में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और सरकार व पार्टी हाईकमान तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की.
समर्थकों का अनोखा विरोध प्रदर्शन
डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग के समर्थन में कुछ कार्यकर्ताओं ने धार्मिक अनुष्ठान किए और 1001 नारियल फोड़े. इस प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. समर्थकों का कहना है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की बड़ी जीत के पीछे शिवकुमार की संगठनात्मक भूमिका बेहद अहम रही है. इसी कड़ी में विधायक रंगनाथ ने कहा कि पार्टी नेतृत्व को जमीनी कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए. यह भी पढ़े: Karnataka New CM: येदियुरप्पा के बाद अब कौन होगा अगला मुख्यमंत्री? इन नामों पर चल रही है चर्चा
DK शिवकुमार समर्थकों का अनोखा प्रदर्शन
Karnataka में सियासी भूचाल, डी.के. शिवकुमार को सीएम बनाने की मांग #karnataka @SabeenaTamang pic.twitter.com/AOFgzC4Ovz
— News18 India (@News18India) November 27, 2025
सत्ता संघर्ष की जड़ें: 2.5 साल पुराना वादा
यह विवाद 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद से समय-समय पर सामने आता रहा है, जब कांग्रेस ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर सरकार बनाई थी. उस दौरान सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बने और डीके शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई. हालांकि, 2.5 साल के रोटेशनल मुख्यमंत्री फॉर्मूले को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई थी। इसके बावजूद शिवकुमार के समर्थक दावा करते रहे हैं कि सत्ता साझेदारी को लेकर आपसी सहमति थी. इसी वजह से सरकार के आधे कार्यकाल के करीब पहुंचने पर यह मुद्दा फिर सुर्खियों में आ गया है.
हाईकमान का हस्तक्षेप
कांग्रेस हाईकमान इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता इस मसले को सुलझाने के प्रयास कर रहे हैं. दिल्ली में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की मौजूदगी में कई अहम बैठकों का दौर चला है. वहीं, डीके शिवकुमार ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि वह किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं हैं और अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान पर छोड़ते हैं.
कर्नाटक की कमान सिद्धारमैया के हाथों में
फिलहाल कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनी हुई है और मुख्यमंत्री के पद को लेकर कोई आधिकारिक बदलाव या घोषणा नहीं हुई है. पार्टी नेतृत्व का कहना है कि सरकार स्थिर है और सभी फैसले संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत ही लिए जाएंगे. सियासी बयानबाजी और समर्थकों के प्रदर्शनों के बीच अब सभी की नजरें कांग्रेस हाईकमान के अगले कदम पर टिकी हैं.













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