क्या योगी सरकार में फिर मंत्री बनेंगे केशव प्रसाद मौर्य? धामी के सीएम बनने से जगी उम्मीद
पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तराखंड के दूसरे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, ऐसे में भाजपा में कयास लगाए जा रहे हैं कि केशव प्रसाद मौर्य हाल के विधानसभा चुनाव में अपनी सीट हारने के बावजूद उत्तर प्रदेश सरकार में अपना पद बरकरार रख सकते हैं.
नई दिल्ली: पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने बुधवार को उत्तराखंड (Uttarakhand) के दूसरे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, ऐसे में भाजपा में कयास लगाए जा रहे हैं कि केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) हाल के विधानसभा चुनाव में अपनी सीट हारने के बावजूद उत्तर प्रदेश सरकार में अपना पद बरकरार रख सकते हैं. विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा के भीतर एक सामान्य भावना थी कि हारने वाले नेताओं को नेतृत्व नहीं करना चाहिए या सरकार का हिस्सा नहीं बनना चाहिए, क्योंकि यह पार्टी के मानदंडों और प्रथाओं के खिलाफ है. अपने दूसरे कार्यकाल में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देंगे मुख्यमंत्री योगी
पार्टी के एक नेता ने कहा, "2017 में पार्टी ने चुनाव हारने के बाद प्रेम कुमार धूमल को हिमाचल प्रदेश का मुख्यमंत्री नहीं बनाया था. लेकिन आज धामी के शपथ लेने के बाद पार्टी में एक विश्वास जगा है कि सीट हारने के बावजूद कड़ी मेहनत का इनाम मिलेगा. अब वहां एक सामान्य भावना है कि उन्हें (मौर्य को) उपमुख्यमंत्री के रूप में एक और मौका दिया जा सकता है."
भाजपा के भीतर राय बंटी हुई थी. विधानसभा चुनावों में धामी की हार के बाद पार्टी के एक वर्ग ने महसूस किया कि चुनाव हारने वाले नेता को मुख्यमंत्री बनाना भाजपा की प्रथा के खिलाफ होगा, जबकि एक अन्य वर्ग का मानना था कि भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए उनके द्वारा की गई कड़ी मेहनत के लिए उन्हें एक मौका दिया जाना चाहिए.
धामी के उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद ऐसा लग रहा है कि मौर्य को दूसरा मौका मिल सकता है. भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "खटीमा विधानसभा क्षेत्र से हारने के बावजूद धामी को मुख्यमंत्री के रूप में फिर से नियुक्त करने से मौर्य की योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने की संभावना बढ़ गई है."
उत्तर प्रदेश में भाजपा के एक प्रमुख अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) नेता, मौर्य उपमुख्यमंत्री थे, जिो सराथू निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव हार गए. उन्हें समाजवादी पार्टी की पल्लवी पटेल ने हराया.
पार्टी के एक नेता ने कहा, "धामी को अपनी सीट हारने के बाद उत्तराखंड में सरकार का नेतृत्व करने का एक और मौका दिया गया, क्योंकि भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की थी, इसलिए एक संभावना है कि मौर्य ने भी कड़ी मेहनत की, लेकिन अपनी सीट हार गए. उत्तर प्रदेश कैबिनेट में एक पद देकर उन्हें पुरस्कृत किया जा सकता है."
कई लोगों का मानना है कि धामी की तरह मौर्य को पुरस्कृत करने से भाजपा को 2024 के आम चुनावों से पहले ओबीसी मतदाताओं के बीच पैठ बनाने में मदद मिलेगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 23, 2022 10:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

