Big Breaking: तेलंगाना BJP में बगावत! गोशामहल सीट से विधायक टी. राजा सिंह ने दिया इस्तीफा, रामचंदर राव को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से थे नाराज

T. Raja Singh Resignation From BJP: तेलंगाना की सियासत में बड़ा धमाका हुआ है. गोशामहल से बीजेपी विधायक टी. राजा सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उनका यह फैसला पार्टी हाईकमान द्वारा वरिष्ठ नेता एन. रामचंदर राव को राज्य अध्यक्ष बनाए जाने के बाद आया है. राजा सिंह ने एक लेटर जारी कर पार्टी नेतृत्व पर नाराजगी जताई और कहा कि उन्होंने खुद को राज्य अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावित किया था, लेकिन उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया. राजा सिंह ने दावा किया कि जमीनी स्तर के कई कार्यकर्ता उन्हें राज्य अध्यक्ष के रूप में देखना चाहते थे, ताकि पार्टी को एक नई ऊर्जा और स्पष्ट हिंदुत्व एजेंडा मिल सके.

उन्होंने कहा कि अगर उन्हें मौका मिलता तो वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरह पार्टी को सक्रिय करते, गाय सुरक्षा के लिए अलग विंग बनाते और कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देते.

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टी. राजा सिंह ने BJP से दिया इस्तीफा

शीर्ष नेतृत्व पर जताई नाराजगी

राजा सिंह ने यह भी कहा कि उन्हें किसी नेता से व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन पार्टी अध्यक्ष का पद ऐसे व्यक्ति को मिलना चाहिए जो हिंदुत्व विचारधारा से पूरी तरह जुड़ा हो, न कि ऐसे व्यक्ति को जो केवल ‘VIP ट्रीटमेंट’ चाहता हो. उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के अंदर एक लॉबी उन्हें आगे बढ़ने से रोक रही है.

राजा सिंह ने रामचंदर राव की नियुक्ति पर कहा कि प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कार्यकर्ताओं की राय से होना चाहिए, न कि केवल शीर्ष नेतृत्व की मर्जी से. उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि पहले भी ऐसे फैसलों ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया है और अगर आगे भी कार्यकर्ताओं की आवाज को अनसुना किया गया, तो पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है.

एन. रामचंदर राव को क्यों चुना गया?

सूत्रों के अनुसार, एन. रामचंदर राव को सर्वसम्मति से राज्य अध्यक्ष पद के लिए चुना गया है. वे सोमवार दोपहर को नामांकन भर सकते हैं और मंगलवार को उनके निर्विरोध चुने जाने की संभावना है. रामचंदर राव एक ब्राह्मण नेता हैं और पार्टी में उनकी छवि सौम्य व गैर-विवादित मानी जाती है. वे हैदराबाद बीजेपी के अध्यक्ष रह चुके हैं और ABVP व भाजपा की लीगल सेल में भी अहम भूमिका निभा चुके हैं.

बीजेपी ने रविवार को राज्य अध्यक्ष चुनाव के लिए औपचारिक अधिसूचना जारी की थी. हालांकि अब पार्टी के अंदर से उठ रही आवाजें बता रही हैं कि सबकुछ ठीक नहीं है. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी इस आंतरिक कलह को कैसे संभालती है.