देश

बेलगाम सीमा विवाद पर बोले संजय राउत, पाकिस्तानी-बांग्लादेशी भारत में कर सकते हैं प्रवेश, लेकिन महाराष्ट्र का कोई व्यक्ति कर्नाटक नहीं जा सकता

बेलगाम सीमा विवाद पर शिवसेना नेता संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी, बांग्लादेशी और रोहिंग्या भारत में प्रवेश कर सकते हैं, लेकिन महाराष्ट्र का कोई व्यक्ति बेलगाम (कर्नाटक) नहीं जा सकता है? यह तो गलत है. उन्होंने कहा कि हम सब भारतीय हैं, मैं वहां जाउंगा, लोगों से मिलूंगा और वहीं के कायक्रमों में शिरकत भी करुंगा.

बेलगाम सीमा विवाद पर बोले संजय राउत, पाकिस्तानी-बांग्लादेशी भारत में कर सकते हैं प्रवेश, लेकिन महाराष्ट्र का कोई व्यक्ति कर्नाटक नहीं जा सकता
संजय राउत (Photo Credits: ANI)

मुंबई: बेलगाम सीमा विवाद (Belgaum Border Issue) को लेकर महाराष्ट्र (Maharashtra) और कर्नाटक (Karnataka) के बीच राजनीति गरमाई हुई है. एक ओर जहां महाराष्ट्र काफी समय से बेलगाम पर अपना दावा करता रहा है तो वहीं कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा (BS Yediyurappa) कहते हैं कि बेलगाम की एक इंच भी जमीन महाराष्ट्र को नहीं दी जाएगी. रविवार को बेलगाम सीमा विवाद पर शिवसेना (Shiv Sena) नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी (Pakistani), बांग्लादेशी (Bangladeshi) और रोहिंग्या (Rohingyas) भारत में प्रवेश कर सकते हैं, लेकिन महाराष्ट्र का कोई व्यक्ति बेलगाम (कर्नाटक) नहीं जा सकता है? यह तो गलत है. उन्होंने कहा कि हम सब भारतीय हैं, मैं वहां जाउंगा, लोगों से मिलूंगा और वहां के कायक्रमों में शिरकत भी करुंगा.

बेलगाम सीमा विवाद पर बोले संजय राउत-

दरअसल, कुछ समय पहले ही बेलगाम सीमा विवाद को लेकर दोनों राज्यों के बीच तनातनी देखने को मिली थी. जब इस विवाद से भड़के शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर में कर्नाटक के सीएम येदियुरप्पा का पुतला फूंका था और सिनेमा घर में चल रहे एक कन्नड फिल्म पर रोक लगा दी थी. इस पर येदियुरप्पा ने चेतावनी देते हुए कहा था कि वह बेलगाम की एक इंच जमीन भी नहीं देंगे. यह भी पढ़ें: शिवसेना नेता संजय राउत बोले- वीर सावरकर का विरोध करने वालों को अंडमान जेल भेज दो, तब बलिदान का एहसास होगा

ज्ञात हो कि बेलगाम में मराठी भाषी लोगों की एक बड़ी आबादी रहती है, इसलिए महाराष्ट्र इस पर अपना दावा करता रहा है, जबकि यह जिला अभी कर्नाटक में आता है. गौरतलब है कि महाराष्ट्र एकीककरण समिति कर्नाटक के मराठी बहुल इलाकों को महाराष्ट्र में शामिल करने के लिए काफी समय से संघर्ष कर रही है और यह मामला लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 18, 2020 01:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).