डोनाल्ड ट्रंप पीएम मोदी के साथ करेंगे धार्मिक स्वतंत्रता की बात? शिवसेना ने कहा- ये हमारा आंतरिक मामला, अमेरिकी राष्ट्रपति को इससे बचना चाहिए
प्रेसिडेंट ट्रंप/उद्धव ठाकरे ( फोटो क्रेडिट- Gattey/ IANS )

प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे से पहले जो सियासी घमासान शुरू हुआ था वो अब तक थमा नहीं है. विपक्ष हर मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेर रही है. इसी कड़ी में शिवसेना ने एक बार फिर अपने मुखपत्र सामना के माध्यम से केंद्र सरकार पर तंज कसा है. शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा कि देश में आर्थिक मंदी का दौरा है और बेरोजगारी बढ़ रही है. डोनाल्ड ट्रंप के 36 घंटे के भारत दौरे से क्या इस प्रश्न का हल नहीं निकलेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत आने से सामान्य लोगों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा. ऐसे में जनता के बीच ट्रंप के आने और उत्सुकता का कोई सवाल उठता ही नहीं.

मुखपत्र सामना में शिवसेना ने लिखा कि अमेरिका ने भारत को विकाशील से देश से निकाल दिया है. जिसके बाद भारत को करोड़ो का नुकसान उठाना पड़ा है. वहीं सामना में लिखा कि ट्रंप भारत के आतंरिक मुद्दे जैसे एनआरसी, एनपीआर और कश्मीर पर कुछ न कहें तो बेहतर होगा. यह भारित का आंतरिक मुद्दा है. डोनाल्ड ट्रंप भारत दौरे पर आ रहे हैं कई मुद्दे हल नहीं होंगे. यह भी पढ़ें:- Namaste Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत के लिए भारत तैयार, अहमदाबाद एयरपोर्ट पर पीएम मोदी करेंगे अगुवाई.

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत रवानगी से पहले कहा था कि भारतीय प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी अच्छी बनती है. वह उनके अच्छे दोस्त हैं. और इस यात्रा के लिए वह बहुत समय पहले से प्रतिबद्ध है और भारत आने को लेकर उत्सुक हैं. अहमदाबाद के सरदार पटेल स्टेडियम में होने वाले नमस्ते मोदी कार्यक्रम के बारे में ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने सुना है कि 'यह एक बहुत बड़ा कार्यक्रम होने जा रहा है. कुछ लोग कहते हैं कि यह उनका सबसे बड़ा कार्यक्रम होगा. प्रधानमंत्री ने उन्हें यही बताया है. 2014 में रीयल एस्टेट बिजनेसमैन के तौर पर भारत आए ट्रंप इस बार अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में भारत आ रहे हैं.