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मध्य प्रदेश में राजनीतिक ड्रामा जारी: कमलनाथ ने की राज्यपाल से मुलाकात, कहा-हमारी सरकार स्थिर है, चिंता की कोई बात नहीं

कांग्रेस में चल रहे सियासी घमासान के बीच गुरुवार की देर रात को भोपाल लौटे राज्यपाल लालजी टंडन (Lalji Tandon) से राजभवन में मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने मुलाकात की और तीन पेज का पत्र सौंपा. इस पत्र में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा पर कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) का आरोप लगाया है. मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को राज्यपाल से मुलाकात के दौरान तीन पेज का पत्र सौंपा

मध्य प्रदेश में राजनीतिक ड्रामा जारी: कमलनाथ ने की राज्यपाल से मुलाकात, कहा-हमारी सरकार स्थिर है, चिंता की कोई बात नहीं
मुख्यमंत्री कमलनाथ (Photo Credits: IANS)

भोपाल: कांग्रेस में चल रहे सियासी घमासान के बीच गुरुवार की देर रात को भोपाल लौटे राज्यपाल लालजी टंडन (Lalji Tandon) से राजभवन में मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने मुलाकात की और तीन पेज का पत्र सौंपा. इस पत्र में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा पर कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) का आरोप लगाया है. मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को राज्यपाल से मुलाकात के दौरान तीन पेज का पत्र सौंपा. इस पत्र में राज्य की राजनीतिक स्थिति और घटनाक्रम का जिक्र है. मुख्यमंत्री का आरोप है कि भाजपा कांग्रेस के मंत्रियों की खरीद-फरोख्त की राजनीति कर रही है. इसी के चलते 19 विधायकों को बेंगलुरू ले जाया गया है. इस बीच सीएम कमलनाथ से मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हमारी सरकार स्थिर है, चिंता की कोई बात नहीं है.

ज्ञात हो कि, राज्य में बीते एक सप्ताह से सियासी खींचतान मची हुई है. कांग्रेस के 22 विधायकों ने विधानसभा की अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. इनमें से 19 विधायक बेंगलुरू में हैं. वहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बेंगलुरू गए छह मंत्रियों को बर्खास्त करने की राज्यपाल से सिफारिश की है. यह भी पढ़े-मध्यप्रदेश में शुरू हुआ जुबानी जंग: पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ को रावण और ज्योतिरादित्य सिंधिया को बताया विभीषण

ANI का वीडियो-

भाजपा लगातार वर्तमान सरकार को अल्पमत की सरकार बता रही है. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) वर्तमान हालात के बीच राज्यपाल के अभिभाषण पर सवाल उठाए हैं, साथ ही कहा है कि 'यह सच्चाई है कि, इस सरकार ने बहुमत खो दिया है, अब ऐसी सरकार कैसे राज्यपाल का अभिभाषण करा सकती है और सत्र बुला सकती है.'

ज्ञात हो कि, राज्य सरकार के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, प्रद्युम्न सिंह तोमर, इमरती देवी, तुलसी सिलावट, प्रभुराम चौधरी, महेंद्र सिंह सिसौदिया के अलावा विधायक हरदीप सिंह डंग, जसपाल सिंह जज्जी, राजवर्धन सिंह, ओपीएस भदौरिया, मुन्ना लाल गोयल, रघुराज सिंह कंसाना, कमलेश जाटव, बृजेंद्र सिंह यादव, सुरेश धाकड़, गिरराज दंडौतिया, रक्षा संतराम सिरौनिया, रणवीर जाटव, जसवंत जाटव इस्तीफे दे चुके हैं.

(भाषा इनपुट के साथ) 

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 13, 2020 01:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).