SGPC Statement on Dhruv Rathi: मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी एक बार फिर विवादों में हैं. इस बार मामला सीधे सिख धर्म और उनके इतिहास से जुड़ा है. दरअसल, राठी ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक नया वीडियो पोस्ट किया है, जिसका नाम है "The Sikh Warrior – The Story of Banda Singh Bahadur". ये वीडियो 24 मिनट 37 सेकंड का है और इसमें उन्होंने बंदा सिंह बहादुर सहित सिख इतिहास की कई अहम घटनाओं को एनिमेशन और AI की मदद से दिखाया है. लेकिन इस वीडियो को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने कड़ी आपत्ति जताई है.
SGPC के महासचिव गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने साफ कहा है कि सिख समुदाय को अपने इतिहास को समझने के लिए किसी यूट्यूबर के AI वीडियो की जरूरत नहीं है.
ध्रुव राठी के वीडियो पर SGPC भड़की
SGPC General Secretary Gurcharan Singh Grewal condemned the video made by YouTuber Dhruv Rathee and stated that Sikhs do not need his AI based promotions to tell Sikh history. He further said that Dhruv Rathee distorted several major facts, including those related to Guru Tegh… https://t.co/JYznzZjK43 pic.twitter.com/yHyipUjmV4
— Gagandeep Singh (@Gagan4344) May 19, 2025
सिख इतिहास का AI चित्रण बना विवाद का कारण
The Sikh Warrior – The Story of Banda Singh Bahadur
'ऐतिहासिक बातों को तोड़ा-मरोड़ा गया'
उन्होंने आरोप लगाया कि ध्रुव राठी ने गुरु तेग बहादुर जी की शहादत और बाबा बंदा सिंह बहादुर से जुड़ी कई ऐतिहासिक बातों को तोड़ा-मरोड़ा है. SGPC का कहना है कि वीडियो में कई ऐतिहासिक गलतियां और भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली बातें हैं. उदाहरण के तौर पर, वीडियो में ध्रुव राठी ने बंदा सिंह बहादुर की तुलना "रॉबिनहुड" से कर दी, जिसे सिख समुदाय ने अपमानजनक बताया है.
SGPC ने कहा कि इस तरह की तुलनाें गंभीर शहीदियों और ऐतिहासिक संघर्षों को हल्का बना देती हैं.
ध्रुव राठी के वीडियो में क्या विवादित है?
वीडियो में ध्रुव राठी ने बताया है कि कैसे मुगल शासन के दौरान सिखों पर अत्याचार हुए. उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी की शहादत, गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा खालसा पंथ की स्थापना, पांच प्यारे और गुरु गोबिंद सिंह जी के बेटों की शहादत जैसे विषयों को कवर किया है. वीडियो में AI-जनित चित्रों और एनिमेशन का इस्तेमाल किया गया है. ताकि युवा दर्शकों को इतिहास आकर्षक रूप में दिखाया जा सके.
लेकिन SGPC का कहना है कि धर्म और इतिहास से जुड़े विषयों को केवल मनोरंजन के नजरिए से नहीं दिखाया जा सकता.
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
SGPC के महासचिव गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि ऐसे विषयों पर बोलते वक्त सम्मान, संवेदनशीलता और सटीकता बेहद जरूरी है. SGPC ने यह भी चेतावनी दी कि अगर इस वीडियो को जल्द न हटाया गया या उसमें बदलाव नहीं किए गए, तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. फिलहाल, ध्रुव राठी की ओर से SGPC के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
सोशल मीडिया पर यह विवाद तेजी से चर्चा का विषय बन गया है. कुछ लोग राठी की प्रस्तुति की तारीफ कर रहे हैं तो कई इसे धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने वाला बता रहे हैं.













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