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मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस लेगी मायावती का सहारा?

मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीएसपी की निर्णायक मौजूदगी है. अगर कांग्रेस-बीएसपी एक दुसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते है तो इसका फायदा बीजेपी को हो सकता है.

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस लेगी मायावती का सहारा?
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और बसपा सुप्रीमो मायावती (Photo: IANS)

कर्नाटक चुनाव संपन्न होने के बाद अब कांग्रेस मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ चुनाव की रणनीति बनाने में जुट गई है. तीनों राज्यों में चुनाव इस साल के अंत में होने है. अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले इन चुनावों को सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है. कांग्रेस मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने के लिए मायावती को साथ लेने की रणनीति बना रही है. मीडिया रिपोर्ट की माने तो कांग्रेस तीन राज्यों में बीएसपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहती है. शायद यही वजह है कि बेंगलुरु में कुमारस्वामी के शपथग्रहण समारोह में सोनिया गांधी, मायावती को गर्मजोशी से गले लगते नजर आई.

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीएसपी की निर्णायक मौजूदगी है. अगर कांग्रेस-बीएसपी एक दुसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते है तो इसका फायदा बीजेपी को हो सकता है. कांग्रेस किसी भी हाल में इन तीनो राज्यों में फिर से सत्ता में आना चाहती है. कांग्रेस के आला नेताओं को लगता है कि मायावती के साथ रहने से न सिर्फ इन तीन राज्यों में दलित वोट उनके पक्ष में जा सकते हैं, बल्कि इस गठबंधन का असर दूसरे राज्यों में भी पड़ेगा.

आंकड़े:

मध्य प्रदेश:

मध्य प्रदेश में साल 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 230 में से 165 सीट मिली थी, कांग्रेस को 58 और बीएसपी को 4 सीट मिली थी. मगर 11 सीट पर बीएसपी दुसरे नंबर पर थी. अगर उस समय कांग्रेस मायावती के साथ गठबंधन कर मैदान में उतरती तो बीजेपी को 30 से ज्यादा सीटों का नुकसान होता.

राजस्थान:

सूबे में बीजेपी ने 2013 में कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर दिया था. बीजेपी को 200 में से 163 सीट मिली थी. कांग्रेस के खाते में 21 तो वहीं बीएसपी के खाते में 3 सीट गई थी. वहां अगर कांग्रेस और बीएसपी के बीच गठबंधन होता तो बीजेपी को 10 से ज्यादा सीटों का नुकसान हो सकता था.

छत्तीसगढ़:

छत्तीसगढ़ में बीजेपी को 90 में से 49 सीट हासिल हुई थी. कांग्रेस को 39 और बीएसपी को 1 सीट मिली थी. बीजेपी और कांग्रेस के वोट शेयर में ज्यादा अंतर नहीं था. बीजेपी को 41 प्रतिशत वोट मिले थे तो कांग्रेस को 40.3 फिसद. अगर कांग्रेस-बसपा साथ मिलकर चुनाव लड़ते तो बीजेपी के लिए सरकार बनाना शायद मुश्किल होता.

वैसे आंकड़ो से पता लगता है कि बीजेपी को वोटों के बिखराव से ज्यादा फायदा होता है और वह सरकार बना लेती है. अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस-बीएसपी की रणनीति क्या होती है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 03, 2018 02:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).