CAA विवाद पर बोले राम माधव, विपक्षी दलों के पास नहीं है पर्याप्त जानकारी
नागरिकता संशोधन अधिनियम (Citizenship Amendment Act ) का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. सीएए को लेकर जनसामान्य में भ्रम की स्थिति है. इस भ्रम को दूर करना केंद्र सरकार और बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई. वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव (BJP General Secretary Ram Madhav) ने कहा है कि संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए विपक्षी दल नागरिकता संशोधन कानून के बारे में झूठ फैलाने की कोशिश कर रहे हैं वे सांप्रदायिक भावनाओं और मुस्लिम समुदाय को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. संशोधित नागरिकता विधेयक (सीएए) देश के किसी नागरिक के खिलाफ नहीं है और कानून का विरोध कर रहे विपक्षी दलों को इस विषय की पर्याप्त जानकारी नहीं है.
नई दिल्ली:- नागरिकता संशोधन अधिनियम (Citizenship Amendment Act ) का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. सीएए को लेकर जनसामान्य में भ्रम की स्थिति है. इस भ्रम को दूर करना केंद्र सरकार और बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई. वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव (BJP General Secretary Ram Madhav) ने कहा है कि संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए विपक्षी दल नागरिकता संशोधन कानून के बारे में झूठ फैलाने की कोशिश कर रहे हैं वे सांप्रदायिक भावनाओं और मुस्लिम समुदाय को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. संशोधित नागरिकता विधेयक (सीएए) देश के किसी नागरिक के खिलाफ नहीं है और कानून का विरोध कर रहे विपक्षी दलों को इस विषय की पर्याप्त जानकारी नहीं है.
बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ और समर्थन में चल रहे प्रदर्शनों के बीच बीजेपी ने इस कानून के पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए एक टोलफ्री नंबर जारी किया है. सीएए का समर्थन करने वाले इस नंबर पर काल कर अपना समर्थन जता सकते हैं. विरोध प्रदर्शनों का जवाब देने के लिए एक टोल फ्री नंबर 8866288662 लॉन्च किया है. इस नंबर पर मिसकॉल देकर सीएए के समर्थन में अपने आप को रिजस्टर कर सकते हैं. यह भी पढ़ें:- अमित शाह बोले- दिल्ली में अशांति के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाली टुकड़े-टुकड़े गैंग जिम्मेदार, जनता को देना चाहिए दंड.
BJP National General Secretary Ram Madhav: Opposition parties for narrow political gains are trying to spread falsehood about this important humanitarian gesture of our govt in the form of #CitizenshipAmendmentAct. They are trying to provoke communal sentiments & Muslim community pic.twitter.com/Bdkzc0ibWz
— ANI (@ANI) January 3, 2020
वहीं अमित शाह ने संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को गुरुवार को कहा कि ज्यादातर राजनीतिक करार दिया और कहा कि कोई भी भारतीय इस नए कानून के चलते अपनी नागरिकता नहीं गंवाएगा. उन्होंने एबीपी न्यूज से चर्चा के दौरान कहा था कि, मैं इस बात से सहमत हूं कि ज्यादातर राजनीतिक प्रदर्शन हैं. कुछ लोग गुमराह हैं लेकिन हम उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सीएए के तहत सरकार पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देना चाहती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 03, 2020 03:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

