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BMC चुनाव परिणाम 2026: मुंबई में AIMIM का विस्तार, चार वार्डों में मिली शानदार जीत

मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2026 के नतीजों में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने अपनी सीटों की संख्या दोगुनी कर ली है. पार्टी ने चार वार्डों में जीत दर्ज कर बीएमसी मुख्यालय में अपना कार्यालय और ग्रुप लीडर नियुक्त करने का अधिकार हासिल कर लिया है

BMC चुनाव परिणाम 2026: मुंबई में AIMIM का विस्तार, चार वार्डों में मिली शानदार जीत
(Photo Credits File)

मुंबई. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के 2026 के चुनावों में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने सभी को चौंकाते हुए अपनी ताकत का विस्तार किया है. पार्टी ने इस बार मुंबई के चार महत्वपूर्ण वार्डों में जीत हासिल की है. 2017 के नागरिक चुनावों में केवल दो सीटों के साथ अपना खाता खोलने वाली ओवैसी की पार्टी के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. नगर निकाय के नियमों के अनुसार, अब AIMIM बीएमसी मुख्यालय में अपना कार्यालय और एक समूह नेता (Group Leader) नियुक्त करने की पात्र हो गई है.

मानखुर्द और आसपास के वार्डों में एकतरफा जीत

AIMIM ने कई वार्डों में बड़े अंतर से निर्णायक जीत दर्ज की है. वार्ड संख्या 134 (एम ईस्ट, मानखुर्द गांव) में पार्टी की उम्मीदवार महजबीन अतीक अहमद ने 8,414 वोट हासिल किए. उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार बेनजीर दिवाते को 2,216 वोटों के अंतर से हराया. इसी तरह, वार्ड संख्या 136 में पार्टी के जमीर कुरैशी ने सबसे बड़ी जीत दर्ज की. उन्हें 14,931 वोट मिले, जबकि समाजवादी पार्टी की रुकसाना सिद्दीकी को केवल 4,974 वोट ही मिल सके. यह भी पढ़े:  BMC Election Result 2026: बीएमसी पर BJP-शिंदे गठबंधन का कब्जा, उद्धव ठाकरे का 25 साल का वर्चस्व खत्म, जानें महायुति की जीत के प्रमुख कारण

प्रमुख उम्मीदवारों का प्रदर्शन

पार्टी ने अन्य क्षेत्रों में भी अपनी पकड़ मजबूत की है. वार्ड संख्या 137 में AIMIM के पटेल समीर 8,665 वोटों के साथ विजयी रहे. उन्होंने शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) की आयशा रफीक को 4,370 वोटों के अंतर से मात दी. वहीं, वार्ड संख्या 145 में पार्टी की खैरुनिसा अकबर हुसैन ने 7,653 वोट प्राप्त कर स्वतंत्र उम्मीदवार दीपक फालोद को 2,095 वोटों से हराया.

बीएमसी में बढ़ेगा AIMIM का कद

दो से बढ़कर चार सीटों पर पहुंचने के बाद अब मुंबई की स्थानीय राजनीति में AIMIM का महत्व बढ़ जाएगा. बीएमसी नियमों के तहत अब पार्टी को मुख्यालय में एक अलग कार्यालय आवंटित किया जाएगा. साथ ही, ग्रुप लीडर के नियुक्त होने से पार्टी नगर निगम की बैठकों और महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों में अपनी आवाज अधिक प्रभावी ढंग से उठा सकेगी.

 क्यों बढ़ी सीटें?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एम-ईस्ट और मानखुर्द जैसे क्षेत्रों में AIMIM ने बुनियादी मुद्दों और मुस्लिम बहुल इलाकों में अपने संगठन को मजबूत किया है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाकर पार्टी ने अपनी स्थिति मजबूत की है. यह प्रदर्शन आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी के लिए उत्साहजनक साबित हो सकता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 16, 2026 04:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).