BMC Election Result 2026: बीएमसी पर BJP-शिंदे गठबंधन का कब्जा, उद्धव ठाकरे का 25 साल का वर्चस्व खत्म, जानें महायुति की जीत के प्रमुख कारण
हन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव 2026 के नतीजों ने मुंबई की राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना (महायुति) ने 227 सीटों वाले सदन में बहुमत का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है.
BMC Election Result 2026: बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव 2026 के नतीजों ने मुंबई की राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना (महायुति) ने 227 सीटों वाले सदन में बहुमत का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है. ताजा रुझानों और नतीजों के अनुसार, महायुति 130 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज कर रही है. यह पहली बार है जब भाजपा समर्थित गठबंधन ने बीएमसी में दशकों से चले आ रहे ठाकरे परिवार के एकछत्र राज को चुनौती देते हुए पूर्ण बहुमत हासिल किया है.
बहुमत का आंकड़ा और विपक्षी गठबंधन का हाल
मुंबई में सत्ता के लिए 114 सीटों की आवश्यकता थी, जिसे भाजपा-शिंदे गठबंधन ने आसानी से हासिल कर लिया है. वहीं, उद्धव ठाकरे (Shiv Sena UBT) और राज ठाकरे (MNS) के गठबंधन को बड़ा झटका लगा है, जो फिलहाल 70 के करीब सीटों पर सिमटता नजर आ रहा है. कांग्रेस और अन्य छोटे दल भी इस चुनावी दौड़ में काफी पीछे रह गए हैं. यह भी पढ़े: BMC Election Result 2026: उद्धव ठाकरे को भाई राज का साथ भी नहीं आया काम, बीएमसी चुनाव में करारी हार
जीत के 5 मुख्य कारण
1. विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर का मुद्दा: महायुति ने अपने चुनाव प्रचार में कोस्टल रोड, मेट्रो प्रोजेक्ट्स और सड़कों के कंक्रीटीकरण जैसे विकास कार्यों को ढाल बनाया. मुंबईकरों ने बुनियादी सुविधाओं और शहरी विकास के वादों पर भरोसा जताया.
2. एकनाथ शिंदे की पकड़ और बगावत का असर: शिवसेना में फूट के बाद यह पहला बड़ा स्थानीय चुनाव था. शिंदे गुट ने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को अपने साथ जोड़ने में सफलता हासिल की, जिससे ठाकरे गुट के पारंपरिक वोट बैंक में बड़ी सेंध लगी.
3. मराठी अस्मिता बनाम राष्ट्रीय राजनीति: उद्धव और राज ठाकरे ने 'मराठी मानूस' और 'मराठी अस्मिता' का कार्ड खेला, लेकिन रुझान बताते हैं कि युवा और गैर-मराठी मतदाताओं ने हिंदुत्व और विकास के राष्ट्रीय एजेंडे को प्राथमिकता दी.
4. मजबूत सीट शेयरिंग: भाजपा (137 सीटें) और शिंदे सेना (90 सीटें) के बीच हुआ सटीक सीट-बंटवारा जीत का बड़ा आधार बना. दोनों दलों के बीच बेहतर समन्वय ने वोटों के बिखराव को रोका.
5. अल्पसंख्यक क्षेत्रों में पैठ: मानखुर्द जैसे वार्डों (वार्ड 135) में भाजपा उम्मीदवार नवनाथ बन की जीत ने यह साबित कर दिया कि गठबंधन ने उन क्षेत्रों में भी अपनी पहुंच बनाई है जिन्हें पहले अभेद्य माना जाता था.
अब आगे क्या?
बीएमसी चुनाव के ये परिणाम आने वाले समय में महाराष्ट्र की राज्य राजनीति की दिशा तय करेंगे. 2022 से बीएमसी प्रशासक के अधीन थी, लेकिन अब जल्द ही मुंबई को नया मेयर मिलेगा. चर्चा है कि इस बार भाजपा मुंबई की सत्ता में बड़ी भूमिका निभा सकती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 16, 2026 03:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

