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आजम खान ने फिर दिया विवादित बयान, कहा- मदरसों में नाथूराम गोडसे और प्रज्ञा ठाकुर जैसे लोग तैयार नहीं किए जाते

आजम खान ने कहा कि मदरसों में नाथूराम गोडसे या प्रज्ञा ठाकुर जैसी शख्सियत नहीं तैयार किए जाते.

आजम खान ने फिर दिया विवादित बयान, कहा- मदरसों में नाथूराम गोडसे और प्रज्ञा ठाकुर जैसे लोग तैयार नहीं किए जाते
आजम खान (Photo Credits: ANI)

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के रामपुर लोकसभा सीट से सांसद और समाजवादी पार्टी (SP) के नेता आजम खान (Azam Khan) ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि मदरसों (Madrasas) में धार्मिक शिक्षाएं दी जाती हैं. उन्हीं मदरसों में अंग्रेजी, हिंदी और गणित पढ़ाया जाता है. यह हमेशा से किया जाता रहा है. उन्होंने मंगलवार को कहा कि अगर आप मदद करना चाहते हैं, तो मदरसे की स्थिति को ठीक कीजिए. मदरसों के लिए भवन बनाएं, उन्हें फर्नीचर और मिड डे मील (Mid-Day Meal) जैसी सुविधा प्रदान करें. आजम खान ने कहा कि मदरसों में नाथूराम गोडसे (Nathuram Godse) या प्रज्ञा ठाकुर (Pragya Thakur) जैसी शख्सियत नहीं तैयार किए जाते.

आजम खान ने कहा कि सबसे पहले इसकी घोषणा करें कि नाथूराम गोडसे के विचारों को फैलाने वाले को लोकतंत्र का दुश्मन घोषित किया जाएगा. साथ ही आतंकी गतिविधियों के लिए दोषी करार वालों को पुरस्कृत नहीं किया जाएगा. दरअसल, दूसरे कार्यकाल के लिए सत्ता संभालने के कुछ दिनों बाद, मोदी सरकार ने 'मदरसा' शिक्षा को आधुनिक बनाने और इसे औपचारिक शिक्षा के साथ जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. यह भी पढ़ें- आजम खान का आपत्तिजनक बयान, जया प्रदा का नाम लिए बगैर बोले- मैं पहचान गया था इनका अंडरवियर खाकी रंग का है, देखें VIDEO

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मंगलवार को कहा कि अगले महीने मुसलमानों के ऐसे अनौपचारिक संस्थानों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के साथ यह कार्यक्रम शुरू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार इस योजना पर भी काम कर रही है कि मदरसों से बाहर निकलने वाले छात्र जामिया मिलिया इस्लामिया और दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों से औपचारिक शिक्षा प्राप्त करें. नकवी ने जोर देकर कहा कि हम मदरसों को औपचारिक शिक्षा प्रणाली के साथ जोड़ना चाहते हैं. मदरसा एक ऐसा अनौपचारिक शिक्षा संस्थान होता है, जहां प्राय: इस्लामिक अध्ययन पर जोर दिया जाता है. कुछ अनुमान के अनुसार, देशभर में ऐसे लाखों संस्थान फैले हुए हैं.

आईएएनएस इनपुट

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 12, 2019 08:51 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).