यूपी: CAA पर मचे बवाल पर अखिलेश यादव का बड़ा आरोप, कहा- जो सरकार में बैठे हैं वहीं करा रहे हिंसा
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर उत्तर प्रदेश में मचे बवाला को लेकर अखिलेश यादव ने बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है.
लखनऊ: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. इस कानून को लेकर पिछले चार दिनों में सरकार और पुलिस के खिलाफ सबसे ज्यादा गुस्सा लोगों के अंदर उत्तर प्रदेश में देखा गया है. लोग सड़कों पर उतर कर पुलिस पर पथराव करने के साथ ही सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. जिसकी वजह से इस प्रदर्शन में अब तक करीब 15 लोगों की जाने गई है. वहीं बड़े पैमाने पर पुलिस ने लोगों को गिरफ्तार किया है. नागरिकता कानून को लेकर उत्तर प्रदेश में मचे बवाला को लेकर अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने राज्य और केंद्र सरकार का नाम ना लेते हुए बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि इस घटना के पीछे सरकार में बैठे लोग जिम्मेदार हैं जो हिंसा करवा रहे हैं.
पार्टी द्वारा लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश ने कहा कि दंगा भड़काने वाले लोग सरकार में ही बैठे हैं. क्योंकि इससे उसे फायदा होगा. उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए खा कि वह जानबूझकर लोगों में नफरत फैला रही है. क्योंकि वह वास्तविक मुद्दों पर विफल है. इसलिए लोगों को डरा रही है. अखिलेश यादव ने सपा कार्यकर्ताओं पर बवाल भड़काने के आरोपों लागाये जाने वाले सवाल पर भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि हमने नागरिकता कानून का विरोध किया है. हमने कोई तोड़फोड़ नहीं की. यदि कही दंगे हुए है तोड़फोड़ हुई है तो वह बीजेपी के इशारे पर हुआ है. यह भी पढ़े: CAA पर बवाल: उत्तर प्रदेश में हिंसा के दौरान अब तक 15 की मौत, सोमवार तक 15 जिलों में इंटरनेट सेवा बंद
Akhilesh Yadav, ex-CM & SP leader: As far as riots are concerned, those inciting riots are sitting in the govt itself. Only those sitting in the govt will be benefitted by riots. BJP is deliberately spreading hatred, scaring people. They have failed on the front of real issues. pic.twitter.com/Q37p8FZ681
— ANI UP (@ANINewsUP) December 22, 2019
उत्तर प्रदेश से ही खबर है कि हिसा के दौरान नुकसान हुए संपत्ति के वसूली के लिए लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने चार सदस्यीय पैनल का गठन किया है जो नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध प्रदर्शनों में हिंसा के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्ति को पहुंचे नुकसान का आकलन करेगा.पैनल उपद्रवियों की पहचान करेगा और उन पर जुमार्ना लगाएगा और अगर वे राशि का भुगतान करने में विफल रहते हैं, तो उनकी संपत्तियों को जब्त कर लिया जाएगा. (इनपुट आईएएनएस)
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 22, 2019 03:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

