ट्रंप के टैरिफ के बीच पीएम मोदी ने दोस्त पुतिन से की बात, रिश्तों को और मजबूत करने का संकल्प
Vladimir Putin and PM Modi | X

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) से फोन पर लंबी और सार्थक बातचीत की. इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-रूस के विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने का संकल्प दोहराया. प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर बताया कि उन्होंने पुतिन से यूक्रेन के हालिया हालात पर चर्चा की और एक शांतिपूर्ण समाधान की भारत की पुरानी और स्पष्ट नीति को दोहराया. भारत लगातार रूस और यूक्रेन से वार्ता के जरिए युद्ध खत्म करने की अपील करता रहा है, जो अब चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुका है.

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ट्रंप का टैरिफ दबाव और भारत का जवाब

यह फोन कॉल ऐसे समय पर हुआ है जब ट्रंप ने भारत पर पहले 25% और फिर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी, कारण बताते हुए कि भारत रूस से बड़ी मात्रा में सस्ता कच्चा तेल खरीद रहा है. भारत ने इस आलोचना को "अनुचित और दोहरे मानदंड" बताते हुए खारिज किया है और स्पष्ट किया है कि ऊर्जा आयात एक आर्थिक आवश्यकता है, न कि राजनीतिक बयानबाजी का मुद्दा.

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PM मोदी और पुतिन की बातचीत

रूस से तेल भारत की आर्थिक जरूरत

पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर प्रतिबंध लगाने के बाद, भारत ने 2022 से रियायती दाम पर रूसी तेल खरीदा. यह कदम भारत की ऊर्जा बिल को काफी कम करने में मददगार साबित हुआ. FY20 में रूस का हिस्सा भारत के कच्चे तेल आयात में केवल 1.7% था. FY25 में यह बढ़कर 35.1% हो गया. कुल 245 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) में से 88 MMT तेल केवल रूस से आया.

भारत-रूस रिश्तों की मजबूती

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने रूस दौरे के दौरान पुष्टि की कि पुतिन इस साल भारत आएंगे, और तारीखें तय की जा रही हैं. पीएम मोदी ने भी कहा कि वे 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में पुतिन का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं.