मुंबई,महाराष्ट्र: राज्य में गणेशोत्सव की तैयारियां जोरों शोरों से चल रही है. लेकिन इसी बॉम्बे हाईवे कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय को बरकरार रखते हुए गणेशोत्सव के दौरान डीजे और डॉल्बी सिस्टम के इस्तेमाल पर प्रतिबंध जारी रखा है.नियम तोड़ने वालों के खिलाफ मुंबई पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी.हाईकोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कई साल पहले डीजे और डॉल्बी सिस्टम पर रोक लगाई थी. यह प्रतिबंध सिर्फ गणेशोत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य सभी सार्वजनिक जुलूसों और त्योहारों पर भी लागू है.
इसलिए इस वर्ष भी गणेशोत्सव में डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी.ये भी पढ़े:Mumbai: गणेशोत्सव के लिए मंडप लगाने की परमिशन के लिए BMC ने किया सिंगल विंडो सिस्टम शुरू, आवेदन की प्रक्रिया की हुई शुरुआत
पुलिस की सख्त निगरानी
त्यौहार के दौरान डीजे बजाने वाले गणेश मंडलों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी. कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही, ध्वनि सीमा से अधिक आवाज करने पर भी तुरंत दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे.
पारंपरिक वाद्यों की ओर रुझान
कई गणेश मंडलों ने डीजे के स्थान पर पारंपरिक वाद्य जैसे ढोल-ताशा, लाइव बैंड या कम आवाज वाले साउंड सिस्टम का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. हालांकि, कुछ जगहों पर नियम तोड़ने की शिकायतें आती रहती हैं, जिन पर पुलिस कार्रवाई करती है.डीजे का तेज शोर मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए हानिकारक माना गया है. इस संबंध में सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने कई बार अदालत में अपनी आपत्तियां दर्ज करवाई हैं.इन्हीं कारणों से अदालत ने प्रतिबंध को बरकरार रखा है.













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