पीलीभीत से भाजपा सांसद वरुण गांधी ने पूरनपुर तहसील अंचल में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 7.27 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण में घोटाला को लेकर उत्तर प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री जितिन प्रसाद को पत्र लिखकर ग्रामीण इंजीनियरिंग सेवा (आरईएस) के ठेकेदार और विभागीय इंजीनियरों के खिलाफ कथित संलिप्तता के लिए कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. एक वायरल वीडियो के बाद उन्होंने ये बात कही. वीडियो में एक स्थानीय व्यक्ति को नंगे हाथों से सड़क की सबसे ऊपरी परत छीलते हुए दिखाया गया है. Anti-Dengue Curbs: यूपी में बेकाबू हुआ डेंगू, बचाव के लिए छात्रों को 'फुल शर्ट व पैंट' पहनने का आदेश.
एक दर्जन से अधिक गांवों को पूरनपुर-खजुरिया सड़क से जोड़ने वाली इस सड़क की अनुमानित लागत 4.27 करोड़ रुपये है और आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार इसका निर्माण इस साल 16 अप्रैल को शुरू किया गया था. वरुण गांधी ने रविवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र के एक दिवसीय दौरे के दौरान जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार से मामले में अंतरिम कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा.
वरुण गांधी का ट्वीट
लगभग 4 करोड़ की लागत से बनी इस सड़क के अनूठे ‘क्वॉलिटी चेक’ के परिणाम देख हम सभी स्तब्ध हैं।
जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे की ऐसी बर्बादी बर्दाश्त करने योग्य नहीं है।
मेरी PWD मंत्री @JitinPrasada जी से विनती है कि इस सड़क को बनाने वाले ठेकेदार पर गंभीर कार्यवाही सुनिश्चित करें। https://t.co/bwUCPYINOL
— Varun Gandhi (@varungandhi80) November 13, 2022
इस बीच, लक्षकार ने कहा कि अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (वित्त और राजस्व) और पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय प्रभाग के कार्यकारी इंजीनियरों की एक संयुक्त टीम ने सड़क की गुणवत्ता का सत्यापन किया और "इसे बेहद घटिया पाया".
उन्होंने कहा, संबंधित निर्माण कंपनी को तत्काल प्रभाव से ब्लैक लिस्ट में डाल दिया गया है, जबकि प्रभारी इंजीनियर मुनीर खान व आलोक वर्मा के खिलाफ मुख्य इंजीनियरों सहित ग्रामीण अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव को विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है.