पाकिस्तान के बड़े शहरों में दिनदहाड़े घूमते हैं आतंकवादी, एस जयशंकर बोले इसमें सरकार और सेना दोनों शामिल
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने एक बार फिर पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर घेरा है. डच अखबार 'De Volkskrant' को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान में आतंकवादी खुलेआम, दिनदहाड़े, बड़े शहरों में अपने नेटवर्क चला रहे हैं.
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने एक बार फिर पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर घेरा है. डच अखबार 'De Volkskrant' को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान में आतंकवादी खुलेआम, दिनदहाड़े, बड़े शहरों में अपने नेटवर्क चला रहे हैं और इससे दुनिया अनजान नहीं रह सकती. जयशंकर ने कहा, "आइए ऐसा दिखावा न करें कि पाकिस्तान आतंकवाद में शामिल नहीं है. सच्चाई यह है कि वहां की सरकार और सेना दोनों आतंकवाद में गहराई तक शामिल हैं.”
UN की लिस्ट में शामिल आतंकवादी पाकिस्तान में हैं
जयशंकर ने बताया कि जिन आतंकवादियों पर संयुक्त राष्ट्र (UN) ने प्रतिबंध लगाए हैं, वे सभी पाकिस्तान में मौजूद हैं. उन्होंने कहा, "वे बड़े शहरों में रहते हैं, उनकी पता जानकारी सार्वजनिक है,
वे संगठनों के साथ खुले संपर्क में हैं और उनके गतिविधियां सबको पता हैं. फिर भी दुनिया उन्हें नजरअंदाज करती है ऐसा नहीं चलेगा.”
ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत का नया जवाब
जयशंकर ने भारतीय सेना द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर की सराहना की और कहा कि, “यह आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई नीति, नया तरीका है. अगर कोई हमारी बेटियों के सिंदूर को मिटाने की कोशिश करेगा, तो हम उसे धूल में मिला देंगे.” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसी भावना को दोहराते हुए कहा था, “ऑपरेशन सिंदूर न्याय का नया रूप है.”
पाकिस्तान को चेतावनी
जयशंकर ने पाकिस्तान को सीधी चेतावनी दी, "अगर पाकिस्तान से आतंकवादी हमले जारी रहे, तो उसे परिणाम भुगतने होंगे." उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि जम्मू-कश्मीर और आतंकवाद दो अलग मुद्दे हैं. “हमारे लिए आतंकवाद एक अंतरराष्ट्रीय अपराध है – न कि किसी क्षेत्रीय विवाद से जुड़ा मामला.”
कश्मीर से अवैध कब्जा छोड़ना होगा
जयशंकर ने यह भी दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है. उन्होंने कहा, “1947 में जम्मू-कश्मीर ने भारत में शामिल होने का फैसला किया था. जो हिस्से पाकिस्तान के अवैध कब्जे में हैं, उन्हें हमें लौटाना होगा, क्योंकि वे हमारे ही हैं.”
ट्रंप की मध्यस्थता पर भारत का साफ इनकार
जब पत्रकार ने पूछा कि क्या भारत डोनाल्ड ट्रंप की कश्मीर पर मध्यस्थता को मानेगा, तो जयशंकर ने स्पष्ट कहा, “यह मुद्दा द्विपक्षीय है. हम इसे सिर्फ पाकिस्तान के साथ हल करेंगे, किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं.” उन्होंने यह भी बताया कि ट्रंप का दावा, कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सीज़फायर डील करवाई, सही नहीं है. भारत ने पहले ही ऐसे किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को खारिज कर दिया है.
दुनिया को आंखें खोलनी होंगी
जयशंकर ने अपने इंटरव्यू में दुनिया के देशों से अपील की, “अगर आप अपने देश में किसी शहर के बीचोंबीच एक सैन्य कैंप देखें, जहां हजारों लोग आतंकी प्रशिक्षण ले रहे हों – तो क्या आप कह सकते हैं कि आपकी सरकार को इसकी खबर नहीं?”
(The above story first appeared on LatestLY on May 23, 2025 09:44 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

