नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर का खौफ पाकिस्तान नहीं भूल पा रहा है, यही वजह है कि पाकिस्तान ने अपने आतंकी ठिकानों को भारतीय सीमा से दूर अफगान बॉर्डर के पास शिफ्ट कर दिया है. पाकिस्तान (Pakistan) अपने आतंकी इरादों से तो कभी बाज नहीं आने वाला है लेकिन भारत का खौफ पाक के दिल में है जरूर. ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के तहत पाकिस्तान-आधारित नौ आतंकवादी लॉन्चपैड ध्वस्त किए जाने के कुछ महीने बाद ही खबरें आई हैं कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन अब अपने नेटवर्क को खैबर पख्तूनख्वा (KPK) में स्थापित कर रहे हैं, जो अफगान सीमा के बेहद करीब है.
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नया ट्रेनिंग सेंटर मरकज जिहाद-ए-अक्सा
UN द्वारा घोषित आतंकी संगठन लेखकर-ए-ताइबा (LeT), जो 26/11 मुंबई हमलों के पीछे था, KPK के लोअर डीर जिले में 'मरकज जिहाद-ए-अक्सा' नामक नया प्रशिक्षण केंद्र बना रहा है. यह स्थल अफगान सीमा से केवल 47 किलोमीटर दूर स्थित है. रिपोर्टस के अनुसार यह केंद्र 4,600 वर्ग फुट में फैला है और मस्जिद के पास स्थित है. इसे आवासीय परिसर और फिदायीन प्रशिक्षण हब दोनों के रूप में विकसित किया जा रहा है.
डर का साया लेकिन आतंक छोड़ने को तैयार नहीं पाकिस्तान
LeT ने इस साइट को दिसंबर 2025 तक चालू करने के लिए भारी वित्तीय और संसाधन निवेश किया है. बताया गया है कि यह कैंप 2006 हैदराबाद ब्लास्ट के साजिशकर्ता नसर जावेद के नेतृत्व में होगा. वरिष्ठ आतंकियों मुहम्मद यासिन (बिलाल भाई) और अनास उल्लाह खान द्वारा वैचारिक और हथियार प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसमें विशेष कार्यक्रम जैसे दौरा-ए-खास और दौरा-ए-लश्कर चलाए जाएंगे और यह फिदायीन इकाई 'जान-ए-फिदाई' का नया बेस भी बनेगा.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बदल रहा ठिकाने
भविष्य में भारतीय हमलों से बचने के लिए LeT ने PoK और पंजाब के पुराने ठिकानों को छोड़कर खैबर पख्तूनख्वा में शिफ्ट किया है.
रिपोर्टों में दावा किया गया है कि भारतीय वायुसेना ने 7 मई को PoK में LeT के मार्कज अहले हदीस लॉन्चपैड पर एयरस्ट्राइक की थी. इसके बाद लोअर डीर साइट को सुरक्षित विकल्प के रूप में चुना गया ताकि भारतीय वायु और जमीन हमलों का जोखिम कम हो.
पाक की आतंकी चाल
रिपोर्टों के अनुसार, लोअर डीर में पाकिस्तान की हालिया 'क्लीनअप' ऑपरेशन ने TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के फाइटर्स को निशाना बनाया, लेकिन इस प्रक्रिया में यह जगह अब LeT और Jaish-e-Mohammed (JeM) जैसे समूहों के लिए जगह खाली हो गई. JeM भी अब इस क्षेत्र में अपने नेटवर्क को फिर से बना रहा है.













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