Ola, Uber And Rapido Strike: 7 फरवरी को ओला, उबर और रैपिडो ड्राइवरों की देशव्यापी हड़ताल, शहरी परिवहन पर पड़ेगा बड़ा असर
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Ola, Uber, Rapido Drivers Call One-Day Nationwide Strike: देशभर के यात्रियों को 7 फरवरी 2026 को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. ओला, उबर और रैपिडो से जुड़े कैब और ऑटो-रिक्शा चालकों ने एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है. चालक संघों का कहना है कि अवैध बाइक टैक्सी सेवाओं पर कोई रोक नहीं लगाई जा रही है और ऐप आधारित कंपनियां मनमाने व अनुचित किराया नियम थोप रही हैं. यूनियनों के मुताबिक, बीते कई महीनों से विरोध और शिकायतों के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते हड़ताल का फैसला लिया गया है. इस हड़ताल का असर बड़े शहरों में यातायात व्यवस्था पर साफ तौर पर देखने को मिल सकता है. Ola, Uber, Rapido Strike: देशभर में 7 फरवरी को ओला, उबर-रैपिडो ड्राइवरों की हड़ताल, न्यूनतम किराए की मांग और कंपनियों के शोषण के खिलाफ करेंगे प्रदर्शन

अनुचित नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन

ड्राइवर यूनियनों का आरोप है कि अवैध बाइक टैक्सी सेवाओं पर कोई प्रभावी रोक नहीं लगाई जा रही है और राइड-हेलिंग कंपनियां ड्राइवरों पर अनुचित किराया नीतियां थोप रही हैं. यूनियनों के अनुसार, बीते कई महीनों से शिकायतें और प्रदर्शन किए जाने के बावजूद सरकार और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.

सरकारी नियमों की अनदेखी का आरोप

ड्राइवर संगठनों का दावा है कि परिवहन विभाग द्वारा जारी कई लिखित निर्देशों के बावजूद ऐप-आधारित कंपनियां नियमों का उल्लंघन कर रही हैं. यूनियनों का कहना है कि नियमों की अनदेखी से न सिर्फ ड्राइवरों की आजीविका प्रभावित हो रही है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में है.

अवैध बाइक टैक्सियों से सुरक्षा जोखिम

यूनियन नेताओं ने अवैध बाइक टैक्सी सेवाओं से जुड़े सुरक्षा खतरों पर भी चिंता जताई है. हाल ही में मुंबई में सामने आए घातक हादसों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इन सेवाओं में यात्रियों को पर्याप्त बीमा सुरक्षा नहीं मिलती. हादसे की स्थिति में पीड़ितों को मुआवजा तक नहीं मिल पाता.

पैनिक बटन नियमों को लेकर भ्रम

ड्राइवरों का आरोप है कि पैनिक बटन नियमों के नाम पर उन पर आर्थिक बोझ डाला गया. पहले सरकारी मान्यता प्राप्त वेंडर्स से डिवाइस लगाने को कहा गया और बाद में कई वेंडर्स को अमान्य घोषित कर दिया गया, जिससे ड्राइवर असमंजस में हैं.

ऑटो परमिट नीति से घट रही कमाई

कई राज्यों में लागू ओपन ऑटो-रिक्शा परमिट नीति को लेकर भी नाराज़गी जताई गई है. ड्राइवरों के मुताबिक, सड़कों पर ऑटो-रिक्शा की संख्या बढ़ने से जहां ट्रैफिक जाम बढ़ा है, वहीं उनकी रोज़ की कमाई में तेज गिरावट आई है. ड्राइवर संगठनों का कहना है कि मौजूदा हालात में गुज़ारा करना मुश्किल हो गया है.