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महाराष्ट्र में Ola, Uber और रॅपिडो की बाइक टैक्सी सेवा पर रोक, सरकार ने रद्द किए लाइसेंस, अब होगी सख्त कानूनी कार्रवाई; जानें क्यों

महाराष्ट्र सरकार ने नियमों के उल्लंघन और दस्तावेजों की कमी के कारण ओला, उबर और रॅपिडो के बाइक टैक्सी लाइसेंस रद्द कर दिए हैं. परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने राज्य में केवल इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सियों को ही अनुमति होने की बात दोहराते हुए अवैध पेट्रोल बाइक्स पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

महाराष्ट्र में Ola, Uber और रॅपिडो की बाइक टैक्सी सेवा पर रोक, सरकार ने रद्द किए लाइसेंस, अब होगी सख्त कानूनी कार्रवाई; जानें क्यों
(Photo Credits: Facebook)

Bike Taxi Licence: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में एग्रीगेटर कंपनियों-ओला (Ola), उबर (Uber) और रॅपिडो (Rapido)-को दी गई बाइक टैक्सी की अस्थायी अनुमति (Provisional Licences) रद्द कर दी है. विधान परिषद में 9 मार्च को परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस बड़े फैसले की घोषणा की. सरकार का कहना है कि ये कंपनियां राज्य की 'ई-बाइक टैक्सी नीति 2024' के तहत अनिवार्य शर्तों को पूरा करने में विफल रही हैं. इस फैसले के बाद अब राज्य की सड़कों पर इन ऐप्स के जरिए बाइक टैक्सी चलाना पूरी तरह अवैध हो गया है.

लाइसेंस रद्द होने के मुख्य कारण

परिवहन विभाग के अनुसार, कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई के पीछे कई प्रमुख अनियमितताएं पाई गई हैं:  यह भी पढ़े:  Ola, Uber And Rapido Strike: 7 फरवरी को ओला, उबर और रैपिडो ड्राइवरों की देशव्यापी हड़ताल, शहरी परिवहन पर पड़ेगा बड़ा असर

  • दस्तावेजों की कमी: कंपनियों को स्थाई लाइसेंस के लिए जरूरी कागजात जमा करने हेतु 30 दिन का समय दिया गया था, लेकिन उन्होंने समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं किए.
  • इलेक्ट्रिक बनाम पेट्रोल: राज्य की नीति के अनुसार केवल 100% इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स को ही 'ई-बाइक टैक्सी' के रूप में चलाने की अनुमति है. हालांकि, कंपनियां धड़ल्ले से निजी 'सफेद नंबर प्लेट' वाली पेट्रोल बाइक्स का इस्तेमाल कर रही थीं.
  • स्थानीय रोजगार की अनदेखी: नीति का उद्देश्य स्थानीय युवाओं (भूमिपुत्रों) को रोजगार देना था, लेकिन एग्रीगेटर कंपनियों ने महाराष्ट्र के बाहर के चालकों को प्राथमिकता दी.

अब सीधे वाहन मालिकों पर दर्ज होगा केस

परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया है कि अब तक केवल बाइक चलाने वालों (Riders) पर जुर्माना लगाया जाता था, लेकिन अब सीधे वाहन के असली मालिक और एग्रीगेटर कंपनी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी. आरटीओ (RTO) अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अवैध रूप से चल रही बाइक्स को तुरंत जब्त किया जाए. आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2024 से अब तक परिवहन विभाग 130 से अधिक अवैध बाइक टैक्सियों पर कार्रवाई कर 33 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना वसूल चुका है.

सुरक्षा और दुर्घटनाओं पर चिंता

सरकार ने यह कदम यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी उठाया है. पिछले कुछ समय में बाइक टैक्सी से जुड़ी दुर्घटनाओं और सुरक्षा संबंधी शिकायतों में वृद्धि हुई है. अधिकारियों का कहना है कि बिना उचित पुलिस सत्यापन और कमर्शियल परमिट के चल रही ये बाइक्स यात्रियों के लिए जोखिम भरी साबित हो रही थीं.

क्या भविष्य में फिर शुरू होगी सेवा?

मंत्री प्रताप सरनाईक ने संकेत दिया है कि यह प्रतिबंध पूरी तरह स्थाई नहीं है. यदि कंपनियां भविष्य में राज्य सरकार की सभी शर्तों का पालन करती हैं, केवल इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग सुनिश्चित करती हैं और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देती हैं, तो उनके लाइसेंस पर पुनर्विचार किया जा सकता है. फिलहाल के लिए, राज्य के बड़े शहरों जैसे मुंबई, पुणे और नागपुर में बाइक टैक्सी सेवाओं पर पूरी तरह ब्रेक लग गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 11, 2026 09:09 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).