NEET UG 2026 पेपर लीक मामला: पुणे नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, गिरफ्तार आरोपी शिवराज मोतेगांवकर की 'RCC कोचिंग क्लासेस' को किया सील
नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कार्रवाई के बाद अब प्रशासनिक हंटर भी चलना शुरू हो गया है. पुणे नगर निगम (PMC) ने गिरफ्तार मुख्य आरोपी शिवराज मोतेगांवकर के पुणे स्थित 'आरसीसी कोचिंग क्लासेस' के दफ्तर को सील कर दिया है और अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया है.
पुणे, 20 मई: नीट यूजी 2026 पेपर लीक (NEET UG 2026 Paper Leak) मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) यानी सीबीआई (CBI) की ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच अब स्थानीय प्रशासन ने भी सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. पुणे नगर निगम (Pune Municipal Corporation) (PMC) ने बुधवार को मामले के मुख्य आरोपी शिवराज मोटेगांवकर (Shivraj Motegaonkar) के 'आरसीसी कोचिंग क्लासेस' (RCC Coaching Classes) पर बड़ी कार्रवाई करते हुए संस्थान को सील कर दिया. इसके साथ ही नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी दस्ते ने पुणे की डेक्कन शाखा में अवैध रूप से बने टिन शेड्स को ढहाने के लिए बुलडोजर अभियान भी चलाया. यह भी पढ़ें: NEET (UG) 2026 की नई तारीख घोषित: पेपर लीक विवाद के बाद NTA का फैसला, अब 21 जून को होगी परीक्षा
आरोपी शिवराज मोतेगांवकर 9 दिनों की सीबीआई कस्टडी में
इससे पहले, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को आरोपी शिवराज रघुनाथ मोतेगांवकर को 9 दिनों के लिए सीबीआई की हिरासत में भेज दिया था. विशेष सीबीआई न्यायाधीश अजय गुप्ता ने केंद्रीय जांच एजेंसी को 26 मई तक की कस्टडी प्रदान की है.
सीबीआई ने अदालत के समक्ष दलील दी कि मोतेगांवकर से हिरासत में पूछताछ इस पूरे पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य सह-आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए बेहद जरूरी है. इसके अलावा, इस घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन (Financial Trail), डिजिटल साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्ड्स को खंगालने के लिए भी आरोपी की मौजूदगी आवश्यक है. अदालत ने आरोपी की मेडिकल जांच की शर्त के साथ रिमांड की अर्जी को मंजूरी दी है.
केमिस्ट्री का पेपर लीक करने का है आरोप
सीबीआई के आधिकारिक आरोपों के मुताबिक, मोतेगांवकर इस पूरी साजिश में सक्रिय रूप से शामिल था. वह महाराष्ट्र के लातूर में मुख्य रूप से आरसीसी इंस्टीट्यूट ऑफ कोचिंग चलाता है. जांच में सामने आया है कि उसने एनईईटी यूजी परीक्षा 2026 से ठीक पहले छात्रों को केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) का लीक हुआ प्रश्नपत्र और उसके उत्तर उपलब्ध कराए थे. फिलहाल जांच एजेंसी उसके और एक अन्य गिरफ्तार आरोपी प्रहलाद कुलकर्णी के बीच के कूटनीतिक और वित्तीय संबंधों की गहराई से जांच कर रही है. यह भी पढ़ें: NEET UG Paper Expected Date: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा को किया रद्द, जानें अगली संभावित तिथि
22 लाख छात्रों का भविष्य अधर में
उल्लेखनीय है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 3 मई को देश भर के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में स्थित 5,400 से अधिक केंद्रों पर एनईईटी-यूजी 2026 परीक्षा आयोजित की गई थी. इस परीक्षा में 22 लाख से अधिक चिकित्सा अभ्यर्थी शामिल हुए थे. हालांकि, बड़े पैमाने पर और सुनियोजित तरीके से हुए पेपर लीक के पुख्ता आरोपों के बाद सरकार ने 12 मई को इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने का फैसला किया, जिसके बाद से देश भर के छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है.