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NCP प्रमुख शरद पवार नहीं जाएंगे ED दफ्तर, मुंबई पुलिस कमिश्नर की अपील के बाद लिया फैसला

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार ने प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर जाने का फैसला बाद लिया है. ईडी द्वार केस दर्ज करने के बाद सियासी घमासान मच गया है. शरद पवार ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि मैं अभी प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के दफ्तर नहीं जाउंगा. उनके इस फैसले से पहले खुद मुंबई के पुलिस कमिश्नर संजय बर्वे ने उनके आवास पर पहुंचे थे, जिसके बाद शरद पवार ने मीडिया के सामने आकर अपना फैसला बदलने की बात कही.

NCP प्रमुख शरद पवार नहीं जाएंगे ED दफ्तर, मुंबई पुलिस कमिश्नर की अपील के बाद लिया फैसला
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ( फोटो क्रेडिट- ANI )

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार ने प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर जाने का फैसला बाद लिया है. ईडी द्वार केस दर्ज करने के बाद सियासी घमासान मच गया है. शरद पवार ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि मैं अभी प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के दफ्तर नहीं जाउंगा. उनके इस फैसले से पहले खुद मुंबई के पुलिस कमिश्नर संजय बर्वे ने उनके आवास पर पहुंचे थे, जिसके बाद शरद पवार ने मीडिया के सामने आकर अपना फैसला बदलने की बात कही. शरद पवार के पेश होने की खबर के बाद एनसीपी कार्यकर्ता कुछ गड़बड़ी न करें इसको मद्देनजर मुंबई पुलिस ने 7 थाना इलाकों में धारा 144 लगा दी गई थी. वहीं इस सियासी गहमागहमी के बीच शिवसेना सांसद संजय राउत एनसीपी नेता शरद पवार के समर्थन में उतर आए हैं. उन्होंने शरद पवार भारतीय राजनीति के भीष्म पितामह तक बटा डाला.

इससे पहले शरद पवार ने ट्वीट कहा था, जैसा कि कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मैंने कहा था कि मैं शुक्रवार 27 सितंबर को दोपहर दो बजे बलार्ड एस्टेट में मुंबई ईडी कार्यालय जाऊंगा. वहीं ईडी ने उन्हें दफ्तर न आने की बात कही थी. इस बीच, कांग्रेस (Congress) के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने ट्वीट कर कहा कि शरद पवार प्रतिशोधी सरकार (Vindictive Government) द्वारा निशाना बनाए जाने वाले विपक्ष के नए नेता हैं. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में चुनाव (Maharashtra Elections) से एक महीना पहले इस तरह की कार्रवाई राजनीतिक अवसरवाद (Political opportunism) की पुनरावृत्ति है.

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बात दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले को लेकर शरद पवार उनके भतीजे अजीत पवार समेत करीब 70 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया. जिसके बाद पूछताछ के लिए (ईडी) की तरफ से पवार को नोटिस भेजा जाने वाला था. लेकिन नोटिस से पहले ही उनके खिलाफ मामला दर्ज किये जाने के बाद शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर जाने वाले थे. लेकिन मुंबई पुलिस आयुक्त के अनुरोध के बाद उन्होंने ईडी दफ्तर जाने का अपना फैसला रद्द किया. ज्ञात हो कि महाराष्ट्र स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक घोटाला एक दो करोड़ नहीं बल्कि 25 हजार करोड़ रुपये का घोटला है.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 27, 2019 02:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).