मुंबई के मझगांव इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. बिहार में गांव की जमीन को लेकर हुए एक पुराने विवाद ने मुंबई में एक 28 साल के युवक की जान ले ली. आरोप है कि तीन लोगों ने मिलकर पैर से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. यह हैरान करने वाली बात है कि मृतक और सभी आरोपी एक ही गांव के रहने वाले थे और यहां सिक्योरिटी गार्ड का काम करते थे.
नाली के टैंक में मिली लाश
मंगलवार दोपहर को भायखला पुलिस को मझगांव की सूर्यकुंड सोसाइटी में एक ड्रेनेज टैंक के अंदर एक लाश मिली. लाश को पोस्टमार्टम के लिए जे.जे. अस्पताल भेजा गया. बाद में मृतक की पहचान केशव कुमार चौधरी (उर्फ झा) के रूप में हुई, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला था.
दो हफ्ते पहले ही मुंबई आया था मृतक
पुलिस के अनुसार, 28 साल का केशव सिर्फ दो हफ्ते पहले ही काम की तलाश में मुंबई आया था. वह यहां मझगांव की एक बिल्डिंग में सिक्योरिटी गार्ड का काम करने वाले अपने सगे मामा मृत्युंजय झा (36) के साथ रह रहा था. उनके ही गांव के दो और जानने वाले, सनी कुमार चौधरी (31) और गिरधारी रॉय, भी उसी इलाके में काम करते थे.
शराब के नशे में हुआ जानलेवा झगड़ा
पुलिस ने बताया कि सोमवार की रात को ये चारों लोग साथ में बैठकर शराब पी रहे थे. इसी दौरान उनके गांव की जमीन को लेकर पुरानी बहस छिड़ गई. बात इतनी बढ़ गई कि नशे की हालत में मृत्युंजय और उसके दोनों दोस्तों ने केशव पर हमला कर दिया. आरोप है कि मृत्युंजय ने पैर से केशव का गला तब तक दबाए रखा, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई.
जुर्म छुपाने की कोशिश और गिरफ्तारी
हत्या करने के बाद, तीनों ने जुर्म छुपाने के लिए केशव की लाश को सोसाइटी के ड्रेनेज टैंक में फेंक दिया. इसके बाद सनी और गिरधारी भुसावल भाग गए, जबकि मामा मृत्युंजय मुंबई में ही रुका रहा.
भायखला पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सबसे पहले मृत्युंजय को मझगांव से गिरफ्तार किया. क्राइम ब्रांच यूनिट 3 ने बाकी दोनों आरोपियों को भुसावल से ढूंढ निकाला और उन्हें वापस मुंबई ले आई. तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है.













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