Mumbai Local Train Accident: यात्रा के दौरान मुंबई लोकल ट्रेन से वैतरणा नदी में गिरा यात्री, रेलवे गार्ड और ग्रामीणों की मदद से बची जान, लोगों ने की तारीफ़; VIDEO
मुंबई के पास पालघर जिले में बोईसर से बोरीवली जा रही लोकल ट्रेन से एक 25 वर्षीय युवक वैतरणा नदी में गिर गया. रेलवे ट्रैक गार्ड की सतर्कता और स्थानीय ग्रामीणों की त्वरित सहायता से युवक की जान बचा ली गई.
Mumbai Local Train Accident: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. बोईसर से बोरीवली की ओर जा रही एक उपनगरीय लोकल ट्रेन से 25 वर्षीय युवक संतुलन बिगड़ने के कारण वैतरणा नदी में जा गिरा. गनीमत रही कि वहां तैनात एक सतर्क रेलवे कर्मचारी ने समय रहते शोर मचाया और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. इस रोंगटे खड़े कर देने वाले रेस्क्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
कैसे हुआ यह हादसा?
पीड़ित की पहचान उदय मंगेश वांगड़ (25) के रूप में हुई है. उदय मंगलवार रात बोईसर से बोरीवली के लिए लोकल ट्रेन में सवार हुए थे. चश्मदीदों के अनुसार, जब ट्रेन वैतरणा नदी पर बने पुल से गुजर रही थी, तब दरवाजे के पास खड़े उदय अचानक अपना संतुलन खो बैठे और सीधे नीचे गहरे पानी में गिर गए. यह भी पढ़े: Mumbai Local Train Accident: मुंब्रा रेलवे स्टेशन के पास बड़ा हादसा, CSTM की ओर जा रही लोकल ट्रेन से कई यात्री गिरे; 5 की मौत, एक्सीडेंट का दर्दनाक वीडियो आया सामने
देखें वीडियो
धावत्या लोकल ट्रेनमधून वैतरणा नदीपात्रात पडला तरुण, प्रसंगावधान राखत स्थानिकांनी मदत करत वाचवले प्राण, बोटीच्या सहाय्याने नदीपात्रात पडलेल्या तरुणाला काढण्यात आले बाहेर pic.twitter.com/fs7maSQIEz
— Akshay Shitole (@AkshayShitole21) February 12, 2026
रेलवे गार्ड रमेश सिंह की सतर्कता
हादसे के वक्त रेलवे ट्रैक मेंटेनेंस गार्ड रमेश सिंह वहीं ड्यूटी पर तैनात थे. उन्होंने युवक को गिरते हुए देखा और बिना देर किए शोर मचाना शुरू किया. रमेश सिंह ने तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों और पास के गांव वालों को इस घटना की सूचना दी. उनकी इस त्वरित प्रतिक्रिया ने बचाव कार्य में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
ग्रामीणों ने देवदूत बनकर बचाई जान
रमेश सिंह की आवाज सुनकर स्थानीय ग्रामीण तुरंत हरकत में आए.
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साहसी बचाव: दो स्थानीय निवासी अपनी नाव लेकर नदी की लहरों के बीच पहुंचे.
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पुल का सहारा: उदय गिरने के बाद पुल के एक खंभे से निकले लोहे के रॉड को पकड़कर लटके हुए थे.
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सुरक्षित वापसी: ग्रामीणों ने उन्हें सावधानी से नाव में बिठाया और किनारे पर लेकर आए.
प्राथमिक उपचार और परिवार की खुशी
किनारे पर लाने के बाद उदय को पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मामूली खरोंचों के लिए प्राथमिक उपचार दिया गया. हादसे के बाद वह गहरे सदमे में थे. रेलवे गार्ड रमेश सिंह ने बताया, "मैंने बस अपना कर्तव्य निभाया. किसी की जान बचाना मानसिक संतोष देता है."
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक अन्य वीडियो में उदय की मां भावुक नजर आईं. उन्होंने बचाव करने वालों का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "वे मेरे बेटे के लिए फरिश्ते बनकर आए और उसे दूसरी जिंदगी दी."
सुरक्षा को लेकर चेतावनी
रेलवे प्रशासन ने इस घटना के बाद यात्रियों से एक बार फिर अपील की है कि वे चलती ट्रेन के दरवाजों पर खड़े होकर यात्रा न करें. मानसून के बाद नदियों का जलस्तर और बहाव तेज होता है, ऐसे में इस तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 12, 2026 12:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

